आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दौड़ में अब मुकाबला सिर्फ़ तकनीक का नहीं, बल्कि टैलेंट और सैलरी पैकेज का भी हो गया है। ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI ने इस रेस में गूगल जैसी दिग्गज टेक कंपनियों को पीछे छोड़ते हुए AI जॉब्स के लिए रिकॉर्डतोड़ पैकेज की पेशकश की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, OpenAI कुछ सीनियर और स्पेशलाइज्ड AI पदों के लिए सालाना 13.5 करोड़ रुपये तक का पैकेज ऑफर कर रही है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब दुनिया भर में AI एक्सपर्ट्स की भारी कमी देखी जा रही है। मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग और जनरेटिव AI जैसे क्षेत्रों में कुशल प्रोफेशनल्स की मांग तेजी से बढ़ी है। इसी कारण टेक कंपनियां अब सिर्फ़ बड़े ब्रांड नाम पर नहीं, बल्कि आक्रामक सैलरी स्ट्रक्चर के जरिए टॉप टैलेंट को आकर्षित करने में जुटी हैं।
जानकारों के अनुसार, OpenAI द्वारा दिए जा रहे ये हाई-पे पैकेज मुख्य रूप से रिसर्च साइंटिस्ट, AI इंजीनियर और मल्टीमॉडल सिस्टम्स पर काम करने वाले विशेषज्ञों के लिए हैं। इन पदों पर काम करने वालों को न सिर्फ़ भारी सैलरी मिल रही है, बल्कि स्टॉक ऑप्शंस, रिसर्च फंड और लॉन्ग-टर्म इंसेंटिव्स भी दिए जा रहे हैं।
गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और मेटा जैसी कंपनियां अब तक AI टैलेंट के लिए सबसे बड़े नियोक्ता मानी जाती थीं। हालांकि, OpenAI के इस कदम ने इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे आने वाले समय में AI सैलरी बेंचमार्क पूरी तरह बदल सकता है। खासकर अमेरिका और यूरोप में AI प्रोफेशनल्स की सैलरी पहले ही आसमान छू रही है, और अब इसका असर भारत समेत अन्य देशों में भी दिखने लगा है।
भारत के लिहाज़ से यह खबर इसलिए भी अहम है क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय इंजीनियर और रिसर्चर AI के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर काम कर रहे हैं। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले वर्षों में भारतीय AI टैलेंट को भी ऐसे ही हाई-पे ऑफर्स मिलने की संभावना है, बशर्ते उनके पास एडवांस स्किल्स और रिसर्च अनुभव हो।
वहीं, करियर विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेंड युवाओं को AI और डेटा साइंस की ओर और तेजी से आकर्षित करेगा। कॉलेज और यूनिवर्सिटीज़ में भी AI से जुड़े कोर्सेज़ की मांग लगातार बढ़ रही है।
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