कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश में अरनी विश्वविद्यालय (एयू) के ऊर्जस्वी और लक्ष्य पर केंद्रित चांसलर, श्री विवेक सिंह उच्च शिक्षा में परिवर्तन का नेतृत्व कर रहे हैं। उच्च शिक्षा का भविष्य उज्ज्वल बनाने की अपनी तत्परता के साथ लगभग एक दशक पहले उन्होंने हिमाचल में प्रवेश किया, और यहाँ वो परिवर्तन के प्रणेता बने। उन्होंने नवीन शिक्षण तकनीकों, सॉफ्ट स्किल्स एवं अत्याधुनिक पाठ्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित किया और अरनी विश्वविद्यालय को उत्तर भारत में विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना दिया, जिससे कुछ ही सालों में यहाँ विद्यार्थियों का प्रवेश 200 से बढ़कर 2000 तक पहुँच गया।
श्री विवेक सिंह के दूरदर्शी नेतृत्व में अरनी विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई। 2009 में यूजीसी से मान्यता मिलने के वक़्त यहाँ 200 विद्यार्थी पढ़ा करते थे, जिनकी संख्या हर शैक्षणिक सत्र में लगातार बढ़ते हुए 2023 में 2000 तक पहुँच गई।
इनोवेशन की ओर श्री विवेक सिंह की प्रतिबद्धता अरनी विश्वविद्यालय के दृष्टिकोण में झलकती है। यह विश्वविद्यालय विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत करता है, इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग को बढ़ावा देता है, और सॉफ्ट स्किल्स एवं व्यक्तित्व विकास पर ध्यान केंद्रित करता है, जिसके कारण यह अपने समकालीन संस्थानों से अलग है। यहाँ आधुनिक युग के पाठ्यक्रम प्रस्तुत किए जाते हैं, जिनमें आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस, डेटा साइंस, सस्टेनेबल डेवलपमेंट जैसे विकसित होते हुए क्षेत्र शामिल हैं, जो विद्यार्थियों को तेजी से बढ़ते जॉब मार्केट के लिए तैयार करते हैं।
इन पाठ्यक्रमों ने न केवल विद्यार्थियों को आकर्षित किया है बल्कि हिमाचल प्रदेश में उच्च शिक्षा के परिदृश्य को आगे बढ़ाने में भी मदद की है। अरनी विश्वविद्यालय इस क्षेत्र की शैक्षणिक संरचना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है, जो विद्यार्थियों को शैक्षणिक सफलता पाने और एक सशक्त करियर बनाने में समर्थ बनाता है। विश्वविद्यालय के “स्किल कंप्रेहेंसिव हायर एजुकेशन” (कौशल विस्तृत उच्च शिक्षा) के उद्देश्य से इसका दूरगामी दृष्टिकोण प्रदर्शित होता है, जो विशेषतया हिमाचल प्रदेश के चुनौतीपूर्ण भौगोलिक क्षेत्र में सस्टेनेबल आजीविका के निर्माण पर केंद्रित है।
श्री विवेक सिंह का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल नौकरियों के लिए तैयार करना ही नहीं, बल्कि उनमें उद्यमिता की भावना का विकास करना भी है। अरनी विश्वविद्यालय एक समग्र शैक्षणिक परिवेश के रूप में कार्य करता है, जिसमें विद्यार्थियों को अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करने, समाज को अपना योगदान देने और दुनिया में स्थायी परिवर्तन लाने के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध होते हैं। यह संस्थान बहुमुखी प्रतिभा एवं अनुभवात्मक ज्ञान को बढ़ावा देता है, तथा इंटरडिसिप्लिनरी दृष्टिकोण की मदद से विद्यार्थियों को अपनी रुचि के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए अपनी पसंद का करियर बनाने में समर्थ बनाता है।
हाल ही में एक अभूतपूर्व पहल करते हुए श्री विवेक सिंह ने सैनिक परिवारों से विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रावधानों की घोषणा की। इस विश्वविद्यालय को जम्मू-कश्मीर छात्रवृत्ति योजना प्रदान करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है, जिसके अंतर्गत भारतीय सेना के उत्तरी कमान मुख्यालय द्वारा अनुशंसित विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है। इस पहल से देश सेवा करने वाले सैनिकों की सेवा करने की अरनी विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है।
श्री विवेक सिंह के दूरदर्शी नेतृत्व में अरनी विश्वविद्यालय इनोवेटिव लर्निंग और सामाजिक दायित्व के केंद्र के रूप में विकसित हुआ है। इस संस्थान में विद्यार्थियों की तेज़ी से बढ़ती संख्या, आधुनिक पाठ्यक्रम, और सामाजिक रूप से भावनाशील लोगों के विकास पर इसके केंद्रण से न केवल हिमाचल प्रदेश में परिवर्तन आया है, बल्कि उत्तर भारत में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का भी विस्तार हुआ है। श्री विवेक सिंह के मार्गदर्शन में अरनी विश्वविद्यालय इस पूरे क्षेत्र में शिक्षा व सशक्तिकरण का प्रतीक बनता जा रहा है।
– बी. के. झा
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check