बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन और प्रतिष्ठित कपूर खानदान से जुड़े युवा अभिनेता अगस्त्य नंदा ने हाल ही में एक साक्षात्कार में इस बात पर स्पष्ट रुख अपनाया कि बच्चन‑कपूर परिवार की विरासत उनके कंधों पर कोई दबाव नहीं डालती। उन्होंने कहा कि वे इस तरह की परंपरा को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी को अपने ऊपर नहीं लेते हैं और अपनी पहचान को लेकर अलग सोच रखते हैं।
इक्कीस जैसी परियोजना के प्रमोशन के दौरान हुए एक इंटरैक्टिव सत्र में निर्देशक श्रीराम राघवन ने उनसे पूछा कि क्या वह दिग्गज फिल्म परिवारों से आने के कारण किसी अतिरिक्त दबाव में हैं। इस पर अगस्त्य ने साफ़ शब्दों में कहा कि वह इस सोच को दबाव के रूप में नहीं लेते क्योंकि यह उनका व्यक्तिगत उत्तरदायित्व नहीं है।
अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि उनका सरनेम ‘नंदा’ इसलिए है क्योंकि वह सबसे पहले अपने पिता के बेटे हैं, न कि किसी प्रसिद्ध खानदान के उत्तराधिकारी। वे मानते हैं कि अपने पिता को गर्व महसूस कराना ही उनके लिए वास्तविक विरासत है, जिसे वे गंभीरता से निभाना चाहते हैं। अगस्त्य ने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने सिनेमा में महान काम किया हो, लेकिन वे खुद को किसी के बराबर नहीं आंकते हैं और न ही यह सोचते कि वे कभी उनके जैसा बन पाएंगे।
अगस्त्य का पारिवारिक इतिहास उल्लेखनीय है। उनकी मां श्वेता नंदा, महानायक अमिताभ बच्चन और जया बच्चन की बेटी हैं, जबकि उनके पिता निखिल नंदा राज कपूर परिवार से आते हैं। इस तरह वे दोनों प्रतिष्ठित फिल्म‑परिवारों से नाते में जुड़े हैं, जो भारतीय सिनेमा की सबसे लंबी और प्रभावशाली परंपराओं को दर्शाते हैं।
हालाँकि उन्हें अक्सर बच्चन‑कपूर खानदान का वारिस या नेपो किड कहा जाता रहा है, अगस्त्य ने यह दृष्टिकोण बदलने की कोशिश की है। वे मानते हैं कि अपने करियर को सिर्फ़ नामों के सहारे परिभाषित करना उन पर ध्यान बर्बाद करने जैसा है। इसके बजाय उन्होंने यह कहा कि वह अपनी कला और व्यक्तिगत प्रयासों के जरिये ही पहचान बनाना चाहते हैं।
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रिया देखने को मिली है, जिसमें कुछ लोगों ने उनकी स्पष्ट सोच की सराहना की है, जबकि कुछ ने इसे चुनौतीपूर्ण माना है। यह बहस खास तौर पर इस बात पर केंद्रित है कि क्या एक प्रसिद्ध परिवार से आने के बावजूद व्यक्ति को अपनी पहचान अलग स्थापित करनी चाहिए या नहीं।
बता दें कि अगस्त्य नंदा ने अपनी अभिनय यात्रा की शुरुआत जोया अख्तर की फिल्म The Archies से की थी और अब उनकी फिल्म ‘इक्कीस’ भी बॉक्स ऑफिस पर रिलीज़ हो चुकी है, जिसमें उन्होंने सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेतपाल का किरदार निभाया है। इस पॉकाटाइल भूमिका के जरिये वे अपनी अलग तरह की छवि स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।
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