पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पेन्सिलवेनिया में हुई रैली के दौरान उनकी हत्या के प्रयास के मामले में फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने एक और बड़ा खुलासा किया है। एफबीआइ ने ट्रंप की हत्या की साजिश की नई तस्वीरें जारी कीं हैं। साथ ही इस हत्याकांड के प्रयास में विदेशी हाथ होने से इनकार किया है।
एफबीआइ के अनुसार रैली के दौरान थॉमस क्रुक्स ने एआर-15-स्टाइल राइफल से कई गोलियां चलाईं, जिनमें से एक गोली डोनाल्ड ट्रंप के कान में लगी थी। वह सिर्फ गोली मारकर ही ट्रंप की हत्या नहीं करना चाहता था, बल्कि इसके लिए एक्सप्लोसिव डिवाइस भी तैयार कर दिया था। जिसे उसने अपनी कार में रखा था। एफबीआइ ने हमलावर की कार से इस डिवाइस को बरामद किया है।
अमेरिका के सीबीएस न्यूज के अनुसार शूटर बटलर फार्म शो मैदान में मंच से लगभग 130 गज की दूरी पर स्थित एक विनिर्माण संयंत्र की छत पर था। एफबीआई ने खुलासा किया है कि बंदूकधारी थॉमस क्रुक्स ने अकेले ही इस घटना को अंजाम दिया। इस मामले में किसी विदेशी संलिप्तता का कोई सबूत नहीं मिला है। हालांकि जांच एजेंसी ने कहा कि हत्या के प्रयास के पीछे का मकसद अभी भी स्पष्ट नहीं है।
फबीआई ने ट्रंप के हमलावर थॉमस क्रुक्स के वाहन से इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस भी बरामद किया है। इसे फिट करके वह ट्रंप को उड़ा देना चाहता था। 20 वर्षीय थॉमस क्रुक्स की अलग-अलग विचारधाराएं हैं। ट्रंप की हत्या से पहले हमलावर ने 60 बार से ज्यादा थॉमस क्रुक्स ने ट्रंप के बारे में सूचनाएं जुटाई। इसके बाद रैल के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी कराया।
बंदूकधारी ने जुलाई में पेंसिल्वेनिया रैली में राष्ट्रपति पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार को निशाना बनाने से पहले किसी एक बड़ी सभा पर हमला करने के लिए “लगातार बड़ा प्रयास” किया था। 13 जुलाई को हमलावर ने ट्रंप पर गोलियां चलाई। इस दौरान रैली में अमेरिकी सीक्रेट सर्विस काउंटर स्नाइपर टीम ने थॉमस क्रुक्स की गोली मारकर हत्या कर दी।
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