14 फरवरी को पूरी दुनिया वैलेंटाइन डे के रूप में मनाती है, लेकिन भारत के लिए यह दिन एक काले अध्याय की तरह है। 2019 में इसी दिन जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे, जब जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमलावर ने सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाया था।
भारतीय क्रिकेट टीम ने भी इन शहीद जवानों को सम्मान देने के लिए एक खास कदम उठाया था, जो आज भी लोगों के दिलों में बसता है।
टीम इंडिया ने शहीदों को ऐसे दी श्रद्धांजलि
📌 पुलवामा हमले के कुछ दिन बाद भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच वनडे सीरीज खेली जा रही थी। रांची में हुए एक मुकाबले में टीम इंडिया ने सैन्य टोपी पहनकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
📌 बीसीसीआई ने आईसीसी से अनुमति लेने के बाद यह कदम उठाया था और आईसीसी ने भी साफ किया था कि इससे मैच के नियमों का उल्लंघन नहीं हुआ।
📌 इस खास मौके पर टॉस के दौरान कप्तान विराट कोहली ने कहा था –
“यह विशेष कैप पुलवामा हमले के शहीदों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए है। सभी खिलाड़ियों ने अपनी मैच फीस नेशनल डिफेंस फंड में दान करने का फैसला किया है। मैं देशवासियों से भी आग्रह करता हूं कि वे इस नेक कार्य में योगदान दें।”
खिलाड़ियों ने दान की थी अपनी मैच फीस
🔹 भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों ने अपनी पूरी मैच फीस ‘नेशनल डिफेंस फंड’ में दान करने का फैसला किया।
🔹 वनडे खेलने वाले खिलाड़ियों को 8 लाख और बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को 4 लाख मिलते थे।
🔹 टीम इंडिया ने मिलाकर करीब 1.04 करोड़ रुपये शहीदों के परिवारों के लिए दान किए।
एमएस धोनी की पहल से हुई थी शुरुआत
🟢 इस भावुक पहल की शुरुआत भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने की थी।
🟢 टॉस से पहले एमएस धोनी ने खुद सभी खिलाड़ियों को सैन्य टोपी भेंट की थी।
🟢 एमएस धोनी पहले ही भारतीय सेना से जुड़े रहे हैं और वह भारतीय टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद उपाधि प्राप्त कर चुके हैं।
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