देश के प्रमुख कारोबारी समूहों में शामिल टाटा ग्रुप की उपभोक्ता उत्पाद कंपनी टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी ने 334 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 15% अधिक है। हालांकि इनपुट लागत बढ़ने और कुछ कैटेगरीज में चुनौतियों के चलते अनुमान से थोड़ी कम वृद्धि देखने को मिली है।
रेवेन्यू और प्रॉफिट के आंकड़े
कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 10% बढ़कर 4,778.91 करोड़ रुपये रहा।
पिछले साल की समान तिमाही में यह आंकड़ा 4,352 करोड़ रुपये था।
स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी का नेट प्रॉफिट 714 करोड़ रुपये रहा, जिसमें 464 करोड़ रुपये की डिविडेंड इनकम का अहम योगदान रहा।
चुनौतियां: बढ़ती लागत और कीमतों में अस्थिरता
कंपनी को चाय की बढ़ती कीमतों और नॉन-ब्रांडेड कॉफी कारोबार में गिरावट के चलते EBITDA में 8% की गिरावट झेलनी पड़ी।
टाटा टी और टाटा कॉफी जैसे ब्रांड्स की लागत में इजाफा हुआ।
नॉन-ब्रांडेड कॉफी कारोबार को टर्मिनल कीमतों में गिरावट से झटका लगा।
भारतीय और इंटरनेशनल कारोबार का हाल
भारतीय कारोबार का लाभ 10% घटकर 291 करोड़ रुपये रह गया।
इंटरनेशनल बिजनेस का प्रॉफिट भी 11% गिरकर 156 करोड़ रुपये रह गया।
कंपनी की मार्केट शेयर में 80 बेसिस पॉइंट की गिरावट दर्ज की गई।
बेवरेज और अन्य कैटेगरीज में मजबूती
चाय और नमक दोनों कैटेगरीज में डबल डिजिट ग्रोथ रही।
टाटा संपन्न ब्रांड ने ग्रोथ जारी रखी।
कॉफी सेगमेंट में 67% की राजस्व वृद्धि हुई।
पैकेज्ड बेवरेज कारोबार ने 12% की ग्रोथ दर्ज की।
हालांकि रेडी टू ड्रिंक (RTD) सेगमेंट बेमौसम बारिश से प्रभावित रहा और सिर्फ 3% वॉल्यूम ग्रोथ दर्ज की गई।
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