स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग आजकल सप्लिमेंट्स का सेवन बढ़ा रहे हैं। प्रोटीन पाउडर, विटामिन और मिनरल सप्लिमेंट्स के साथ कई लोग दूध का सेवन भी करते हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि दूध के साथ सप्लिमेंट्स लेने से उनके असर में कमी आ सकती है और पैसे भी व्यर्थ जा सकते हैं।
सप्लिमेंट्स और दूध का तालमेल:
डॉक्टरों और पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ सप्लिमेंट्स जैसे कैल्शियम, आयरन और कुछ विटामिन्स दूध के साथ लेने पर उनकी शोषण क्षमता कम हो जाती है। इसका मुख्य कारण दूध में मौजूद कैल्शियम और फेट्स हैं। उदाहरण के लिए, आयरन सप्लिमेंट्स दूध के साथ लेने पर आयरन का अवशोषण 50% तक कम हो सकता है। इसका मतलब यह हुआ कि आप सप्लिमेंट लेने के बावजूद आवश्यक पोषण नहीं पा रहे।
कौन से सप्लिमेंट्स दूध के साथ नहीं लेने चाहिए:
आयरन सप्लिमेंट्स: दूध या डेयरी प्रोडक्ट्स के साथ लेने पर आयरन का प्रभाव घटता है।
जिंक सप्लिमेंट्स: डेयरी के प्रोटीन जिंक के अवशोषण को बाधित कर सकते हैं।
कुछ विटामिन्स: विशेषकर फेट-र-soluble विटामिन्स (A, D, E, K) की खुराक में दूध कभी-कभी बाधा डाल सकता है।
क्यों घटता है असर:
दूध में कैल्शियम और फॉस्फोरस मौजूद होते हैं, जो कुछ मिनरल्स और सप्लिमेंट्स के अवशोषण को रोकते हैं।
दूध की फैट सामग्री कुछ दवाओं और सप्लिमेंट्स को पचाने में देरी कर सकती है।
डेयरी प्रोटीन सप्लिमेंट्स के साथ मिश्रित होने पर शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व सही तरीके से अवशोषित नहीं हो पाते।
सही तरीका और समाधान:
सप्लिमेंट्स लेने से कम से कम 1-2 घंटे पहले या बाद में दूध लें।
यदि विटामिन D या कैल्शियम सप्लिमेंट है, तो इसे अलग समय पर लेना बेहतर होता है।
प्रोटीन पाउडर या अन्य सप्लिमेंट्स को पानी या जूस के साथ लेना अधिक प्रभावी है।
विशेषज्ञों की सलाह से सप्लिमेंट्स का सेवन करें, ताकि आपके पैसे और स्वास्थ्य दोनों की रक्षा हो सके।
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