प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी का मानना है कि कबीर की स्थापना तभी हुई जब हिंदी साहित्य की भूमिका लिखी गई, मध्यकालीन धर्म-साधना, नाथ संप्रदाय और कबीर जैसी पुस्तक लिखी गईं। पूरा भक्तिकालीन साहित्य भी कबीर द्वारा लिखे गए प्रतिमानों के आधार पर देखा और समझ गया। आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ने कबीर को अपने नजरिए से देखा, समझा और …
Read More »
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check