विटामिन-बी12 की कमी के लक्षण: आंखों की तकलीफ को न करें नजरअंदाज

आज के समय में विटामिन-बी12 की कमी आम समस्या बन चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिर्फ शरीर की ऊर्जा पर असर नहीं डालती, बल्कि आंखों और दृष्टि से भी जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकती है। हाल के अध्ययनों में खुलासा हुआ है कि विटामिन-बी12 की कमी से धुंधलापन, आंखों में दर्द, थकान और स्मृति की कमी जैसी परेशानियां हो सकती हैं।

विटामिन-बी12 क्या है?

विटामिन-बी12 एक महत्वपूर्ण पानी में घुलनशील विटामिन है, जो नर्व सिस्टम, रक्त कोशिकाओं और मस्तिष्क की कार्यक्षमता के लिए जरूरी होता है। इसकी कमी शरीर में कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है।

आंखों पर असर

विशेषज्ञ बताते हैं कि विटामिन-बी12 की कमी से ऑपटिक न्यूरोपैथी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। इसके लक्षण इस प्रकार हैं:

आंखों में धुंधलापन या विज़न में बदलाव

तेज़ या हल्का आंखों में दर्द

प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता में वृद्धि

कभी-कभी रंगों को पहचानने में कठिनाई

अन्य आम लक्षण

लगातार थकान और कमजोरी

हाथ-पैर में सुन होना या झनझनाहट

याददाश्त में कमी और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई

भूख में कमी और वजन घटना

जोखिम में कौन लोग हैं?

शाकाहारी लोग: विटामिन-बी12 अधिकांशत: मांस, अंडा और डेयरी उत्पादों में मिलता है।

उम्रदराज लोग: उम्र बढ़ने के साथ विटामिन-बी12 के अवशोषण में कमी आती है।

हृदय या गैस्ट्रिक रोगियों: कुछ दवाओं के सेवन से शरीर में बी12 का स्तर कम हो सकता है।

विशेषज्ञों की सलाह

खाद्य स्रोत: अंडा, मछली, चिकन, दूध और पनीर विटामिन-बी12 के प्रमुख स्रोत हैं।

सप्लीमेंट: डॉक्टर की सलाह से विटामिन-बी12 इंजेक्शन या टैबलेट लिया जा सकता है।

नियमित जांच: आंखों की समस्याओं और थकान के कारण होने वाले बी12 की कमी को समय पर पहचानना जरूरी है।

बचाव के उपाय

संतुलित और पौष्टिक आहार अपनाएं।

लंबे समय तक शाकाहारी जीवनशैली में बी12 सप्लीमेंट जरूर लें।

आंखों की नियमित जांच और थकान से राहत के लिए पर्याप्त नींद लें।

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