हमारे शरीर में लिवर (जिगर) एक अहम अंग है, जो भोजन को पचाने, विषैले पदार्थों को बाहर निकालने और शरीर के हॉर्मोन संतुलन को बनाए रखने का काम करता है। लेकिन जब लिवर में कोई गंभीर बीमारी होती है, तो अक्सर इसके शुरुआती संकेत पैरों में सूजन और अन्य लक्षणों के रूप में दिखाई देते हैं।
पैरों में सूजन क्यों होती है?
लिवर की गंभीर बीमारियों, जैसे सिरोसिस (Cirrhosis) या हेपेटाइटिस, में शरीर में पानी और नमक का संतुलन बिगड़ जाता है। इससे पैरों और टखनों में तरल पदार्थ जमा हो जाता है, जिससे सूजन (Edema) दिखाई देती है।
लिवर की बीमारी के 4 प्रमुख लक्षण
1. पैरों और टखनों में सूजन
- सूजन अक्सर दोनों पैरों में होती है और दिन के अंत में ज्यादा दिखती है।
- यह लिवर की कार्यक्षमता घटने का शुरुआती संकेत हो सकता है।
2. त्वचा का पीला पड़ना (Jaundice)
- आंखों और त्वचा का पीला होना बिलीरुबिन स्तर बढ़ने की वजह से होता है।
- यह लिवर रोग का एक स्पष्ट संकेत है।
3. पेट में सूजन और गैस
- लिवर रोग में पेट के अंदर तरल पदार्थ जमा हो जाता है (Ascites)।
- इससे पेट फूलता है और असहजता महसूस होती है।
4. कमजोरी और थकान
- लिवर सही ढंग से पोषण और ऊर्जा का प्रबंधन नहीं कर पाता, जिससे थकान और कमजोरी होती है।
- छोटी-छोटी गतिविधियों में भी ऊर्जा कम लगती है।
क्या करें?
- पैरों में लगातार सूजन या उपरोक्त लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- खून की जाँच और अल्ट्रासाउंड जैसी जांच से लिवर की स्थिति पता लगाई जा सकती है।
- शराब और तैलीय भोजन से बचें, और हल्का व पौष्टिक आहार लें।
पैरों में सूजन सिर्फ थकान या लंबे समय तक खड़े रहने की वजह से नहीं होती। यह लिवर की गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकता है। शुरुआती पहचान और समय पर इलाज से लिवर को बचाया जा सकता है और स्वास्थ्य बेहतर रखा जा सकता है।
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