उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि मेडिकल के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए 11 अगस्त को निर्धारित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-पीजी) 2024 में ‘कुछ व्यवहारिक परेशानियों’ के कारण स्थगित करने की मांग वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा।
मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता विशाल सोरेन और अन्य के अधिवक्ता अनस तनवीर की ओर से मामले का उल्लेख करते हुए शीघ्र सुनवाई करने की गुहार स्वीकार की और नौ अगस्त के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।
मुख्य न्यायाधीश ने शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री को निर्देश दिया, “कृपया इसे कल सूचीबद्ध करें।” श्री सोरेन द्वारा दायर याचिका दलील दी गई है कि अभ्यर्थियों को एन वक्त पर ऐसे शहरों में परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं, जहां पहुंचना उनके लिए बेहद मुश्किल हो रहा है। उन्हें अपने परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
याचिका में कहा गया है कि परीक्षा शहरों का आवंटन 31 जुलाई को किया गया और परीक्षा केंद्रों की घोषणा 8 अगस्त को की जानी है।इस प्रकार अभ्यर्थियों को 11 अगस्त को परीक्षा के लिए संबंधित केंद्रों तक पहुंचने के लिए बहुत कम समय दिया गया।
इसके अलावा परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जानी है। इतना ही नहीं सामान्यीकरण समेत अन्य फॉर्मूले के बारे में अभ्यर्थियों को कुछ भी मालूम नहीं है। इस वजह से याचिकाकर्ताओं को कई प्रकार की आशंका हो रही है।
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