आजकल हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जो दिल की बीमारियों का बड़ा कारण बन सकती है। ऐसे में लोग मीठा खाने से पहले सोचने लगते हैं कि चीनी (Sugar) खाएं या गुड़ (Jaggery)? दोनों ही मीठे होते हैं, लेकिन सेहत पर इनका असर अलग-अलग होता है। आइए जानते हैं हाई कोलेस्ट्रॉल के मरीजों के लिए कौन ज्यादा नुकसानदायक है और कौन बेहतर विकल्प।
चीनी क्यों हो सकती है नुकसानदायक?
चीनी एक रिफाइंड फूड है, जिसमें कोई पोषक तत्व नहीं होते। यह शरीर में जाकर तेजी से ब्लड शुगर बढ़ाती है और ट्राइग्लिसराइड्स को बढ़ाने का कारण बन सकती है। ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ने से खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) का स्तर भी बढ़ सकता है, जो दिल की सेहत के लिए खतरनाक माना जाता है।
ज्यादा चीनी खाने से मोटापा भी बढ़ता है, जो हाई कोलेस्ट्रॉल की एक बड़ी वजह है।
गुड़ क्यों माना जाता है बेहतर विकल्प?
गुड़ प्राकृतिक तरीके से बनाया जाता है और इसमें आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। ये तत्व शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं और पाचन को बेहतर बनाते हैं। सीमित मात्रा में गुड़ खाने से मेटाबॉलिज्म सुधरता है, जिससे कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।
क्या हाई कोलेस्ट्रॉल में गुड़ पूरी तरह सुरक्षित है?
यह समझना जरूरी है कि गुड़ भी एक तरह की शुगर ही है। अगर इसकी मात्रा ज्यादा हो जाए तो यह भी वजन बढ़ा सकता है और ब्लड शुगर को प्रभावित कर सकता है, जिससे अप्रत्यक्ष रूप से कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा रहता है। इसलिए गुड़ को भी सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए।
हाई कोलेस्ट्रॉल वालों के लिए सही चुनाव क्या है?
- सफेद चीनी से बेहतर है गुड़ को चुनना
- लेकिन गुड़ भी दिन में 1–2 छोटी मात्रा तक सीमित रखें
- मीठे की क्रेविंग के लिए फल खाना बेहतर विकल्प है
- प्रोसेस्ड मिठाइयों और मिठाई से दूरी बनाएं
किन बातों का रखें खास ध्यान
- तला-भुना और जंक फूड कम करें
- फाइबर युक्त आहार लें (ओट्स, फल, सब्जियां)
- रोज कम से कम 30 मिनट पैदल चलें
- धूम्रपान और शराब से बचें
हाई कोलेस्ट्रॉल के मरीजों के लिए चीनी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है, जबकि गुड़ थोड़ी बेहतर चॉइस है। हालांकि, गुड़ को भी दवा नहीं समझना चाहिए। सही मात्रा, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर ही कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल किया जा सकता है।
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