अदरक, जिसे आयुर्वेद में ‘जिंजर’ कहा जाता है, सदियों से घरेलू नुस्खों और प्राकृतिक उपचारों में इस्तेमाल होता आया है। हाल ही में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि अदरक का टुकड़ा चूसने से भी शरीर को कई लाभ मिल सकते हैं, लेकिन इसके साथ कुछ सावधानियां बरतना भी जरूरी है।
अदरक के फायदे
अदरक में जिंजरोल और शोघोल जैसे सक्रिय तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर में सूजन कम करने, पाचन सुधारने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं। यह छोटे-छोटे टुकड़ों में चूसने पर भी प्रभावी होता है, क्योंकि मुँह में मौजूद लार के साथ मिलकर यह शरीर में तेजी से असर डालता है।
अदरक चूसने के प्रमुख लाभ:
पाचन सुधारता है: अदरक चूसने से पेट में गैस और अपच की समस्या कम होती है। यह भूख बढ़ाने में भी मददगार है।
सर्दी और खांसी से राहत: अदरक के सक्रिय तत्व गले की खराश और खांसी को कम करते हैं। मुँह में चूसते समय यह धीरे-धीरे गले तक पहुंचता है और आराम देता है।
मतली और जी मिचलाना कम करता है: गर्भवती महिलाएं और यात्रा के दौरान मतली महसूस करने वाले लोग अदरक का टुकड़ा चूसकर राहत पा सकते हैं।
रक्त संचार बेहतर बनाए: अदरक में हल्का गर्म असर होता है, जिससे शरीर में रक्त का प्रवाह बढ़ता है और हाथ-पांव ठंडे नहीं रहते।
इम्यूनिटी बढ़ाए: नियमित रूप से अदरक के छोटे टुकड़े चूसने से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे वायरल संक्रमण और सामान्य सर्दी-जुकाम से सुरक्षा मिलती है।
सावधानियां और सही तरीका:
अदरक का टुकड़ा छोटा और ताजगी वाला होना चाहिए।
रोजाना 1-2 टुकड़े ही पर्याप्त हैं; अधिक मात्रा में सेवन से पेट में जलन या एसिडिटी हो सकती है।
यदि किसी को ब्लड प्रेशर या ब्लड क्लॉटिंग की समस्या है, तो पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
चूसते समय अदरक को धीरे-धीरे मुँह में रखें ताकि इसका असर धीरे-धीरे शरीर में पहुंचे।
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