महिलाओं में सबसे आम हार्मोनल समस्या में से एक पीसीओएस (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) है, जो न केवल मासिक धर्म चक्र को प्रभावित करता है, बल्कि वजन बढ़ने की समस्या भी पैदा करता है। पीसीओएस के कारण शरीर में हार्मोनल असंतुलन होता है, जिससे वजन कम करना काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में कई महिलाएं निराश हो जाती हैं क्योंकि नियमित डाइट और एक्सरसाइज के बावजूद भी उनका वजन कम नहीं होता।
लेकिन यह जरूरी नहीं कि पीसीओएस के साथ वेट लॉस असंभव हो। डॉक्टरों के अनुसार, सही मार्गदर्शन और जीवनशैली में बदलाव से इस चुनौती को पार किया जा सकता है। आइए जानें पीसीओएस में हेल्दी वजन बनाए रखने के कुछ जरूरी टिप्स।
पीसीओएस में वजन बढ़ने के कारण
पीसीओएस के कारण शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ जाता है, जिससे शरीर ग्लूकोज को सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता। इसका असर मेटाबॉलिज्म पर पड़ता है और वेट बढ़ने लगता है। इसके अलावा हार्मोनल असंतुलन से भूख बढ़ती है और शरीर में फैट जमा होने की प्रक्रिया तेज होती है।
डॉक्टर से जानें हेल्दी वजन मैनेजमेंट के टिप्स
1. संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर आहार अपनाएं:
डॉक्टर सलाह देते हैं कि पीसीओएस में हाई-फाइबर, लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ जैसे साबुत अनाज, फल, सब्जियां और प्रोटीन युक्त आहार लेना जरूरी है। इससे ब्लड शुगर नियंत्रण में रहता है और वजन पर नियंत्रण होता है।
2. नियमित व्यायाम करें:
हल्की-फुल्की एक्सरसाइज जैसे वॉकिंग, योगा, साइकलिंग या तैराकी को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। व्यायाम मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करता है।
3. तनाव कम करें:
पीसीओएस में हार्मोनल असंतुलन तनाव से और बढ़ सकता है। मेडिटेशन, प्राणायाम और पर्याप्त नींद तनाव कम करने में मददगार होती हैं।
4. डॉक्टर की सलाह से दवाओं का सही इस्तेमाल:
कई बार वजन कम करने के लिए डॉक्टर इंसुलिन रेजिस्टेंस कम करने वाली दवाएं या हार्मोनल उपचार भी सुझाते हैं। इसे बिना डॉक्टर की सलाह के न लें।
5. नियमित स्वास्थ्य जांच करवाएं:
पीसीओएस के साथ मधुमेह, हार्मोनल असंतुलन जैसे अन्य रोग भी जुड़े हो सकते हैं। इसलिए समय-समय पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
विशेषज्ञ की राय
एंडोक्रिनोलॉजिस्ट कहती हैं:
“पीसीओएस में वेट लॉस चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन सही खान-पान, नियमित व्यायाम और डॉक्टर के मार्गदर्शन से हेल्दी वजन बनाए रखना संभव है। महिलाओं को धैर्य रखना चाहिए और बिना हार माने जीवनशैली में सुधार करना चाहिए।”
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