लोकसभा चुनाव के नतीजों को लेकर विपक्ष का गुस्सा अब सड़कों पर उतर आया है। मंगलवार को राजधानी दिल्ली में विपक्षी दलों ने चुनाव में कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा और कांग्रेस की नेता मिताली सिन्हा बेहोश हो गईं, जिससे प्रदर्शन स्थल पर अफरातफरी मच गई।
प्रदर्शन संसद मार्ग पर आयोजित किया गया था, जहां कांग्रेस, टीएमसी, आप, सपा, डीएमके सहित कई प्रमुख विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। नेताओं ने आरोप लगाया कि “ईवीएम में गड़बड़ी”, “चुनावी आयोग की निष्क्रियता” और “जनादेश की चोरी” के खिलाफ यह प्रदर्शन जरूरी था।
महुआ मोइत्रा, जो हमेशा अपने तीखे तेवरों के लिए जानी जाती हैं, ने प्रदर्शन की अगुवाई करते हुए कहा, “यह सिर्फ एक राजनीतिक विरोध नहीं, लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई है। वोटों की चोरी देश के भविष्य से खिलवाड़ है।” वहीं, मिताली सिन्हा ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष प्रशासन का दुरुपयोग कर जनता की आवाज को दबा रहा है।
गर्मी और भारी भीड़ के बीच लंबे समय तक प्रदर्शन करते हुए दोनों नेताओं की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें मौके पर ही प्राथमिक चिकित्सा दी गई। बाद में उन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि स्थिति नियंत्रण में रही, लेकिन कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्की झड़पें भी देखी गईं।
इस आंदोलन को विपक्ष ने “जनमत की रक्षा” का नाम दिया है और कहा है कि यह सिर्फ शुरुआत है। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने एलान किया है कि अगर चुनावी पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं हुई, तो देशभर में चरणबद्ध आंदोलन छेड़ा जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषक इसे विपक्ष की ‘जनता से सीधी लड़ाई’ की रणनीति बता रहे हैं, जिसमें संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाना और जनभावनाओं को संगठित करना मुख्य उद्देश्य है।
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