अगर आपकी डाइट में फाइबर की मात्रा कम है, तो आपको आने वाले समय में पेट से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। डॉक्टरों ने हाल ही में इस पर चेतावनी जारी की है। उनका कहना है कि शहरी जीवनशैली और फास्ट फूड पर निर्भरता के कारण लोगों के खानपान में फाइबर की मात्रा तेजी से घट रही है, जिससे पाचन तंत्र बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
डॉ. बताते हैं कि फाइबर पाचन प्रक्रिया को सुचारु रूप से चलाने के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह न केवल मल त्याग को नियमित रखता है, बल्कि आंतों की सफाई, गैस, एसिडिटी, कब्ज, और यहां तक कि कोलन कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं से भी बचाव करता है।
“आजकल अधिकांश लोग फास्ट फूड, प्रोसेस्ड भोजन और चीनी युक्त खाद्य पदार्थों पर निर्भर हैं, जिनमें फाइबर की मात्रा नगण्य होती है,” डॉ. गुप्ता ने बताया। “इससे कब्ज, ब्लोटिंग, पेट दर्द, और इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।”
विशेषज्ञों के अनुसार, एक स्वस्थ वयस्क को प्रतिदिन लगभग 25–30 ग्राम डाइटरी फाइबर की आवश्यकता होती है। यह मुख्यतः साबुत अनाज, फल, हरी सब्ज़ियां, बीन्स, दालों और ड्राई फ्रूट्स से प्राप्त होता है। लेकिन अधिकतर भारतीयों की डाइट में यह मात्रा 15 ग्राम से भी कम होती है।
रिपोर्ट के अनुसार, फाइबर की लगातार कमी से पाचन क्रिया मंद हो जाती है, जिससे टॉक्सिन्स शरीर में जमा होते हैं और इससे त्वचा संबंधी समस्याएं, सिरदर्द, थकान जैसी अन्य बीमारियां भी हो सकती हैं।
कैसे बढ़ाएं फाइबर की मात्रा?
रोजाना कम से कम एक कटोरी सलाद खाएं
ब्राउन राइस या मल्टीग्रेन आटा अपनाएं
नाश्ते में ओट्स या चिया सीड्स शामिल करें
पानी की मात्रा भी बढ़ाएं
यह भी पढ़ें:
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check