धूम्रपान को अक्सर फेफड़ों के लिए हानिकारक माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आपके ब्लड प्रेशर (बीपी) को भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है? उच्च रक्तचाप यानी हाइपरटेंशन अब एक सामान्य समस्या बन चुकी है, और इसके प्रमुख कारणों में धूम्रपान का नाम भी शामिल है। आइए जानते हैं धूम्रपान और उच्च रक्तचाप के बीच के संबंध के बारे में।
सिगरेट और बीपी का संबंध क्या है?
सिगरेट में पाया जाने वाला निकोटिन एक नशीला पदार्थ है, जो शरीर में एड्रेनालिन हार्मोन के स्तर को बढ़ाता है। यह हार्मोन दिल की धड़कन को तेज करता है और रक्त वाहिकाओं में संकुचन पैदा करता है, जिसके कारण हाई ब्लड प्रेशर (बीपी) अस्थायी रूप से बढ़ जाता है। अगर कोई व्यक्ति बार-बार सिगरेट का सेवन करता है, तो यह प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है और समय के साथ यह स्थिति क्रॉनिक हाइपरटेंशन (लंबे समय तक उच्च रक्तचाप) का कारण बन सकती है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
डॉक्टरों का कहना है कि धूम्रपान का लगातार सेवन करने से हाई बीपी के खतरे में इजाफा होता है। इससे न सिर्फ रक्तचाप बढ़ता है, बल्कि हृदय रोगों, स्ट्रोक और किडनी फेलियर जैसे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का भी खतरा बढ़ जाता है।
इस साल की थीम?
हर साल 17 मई को वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे मनाया जाता है। इस साल की थीम है, “अपना ब्लड प्रेशर सटीक मापें, इसे नियंत्रित करें और लंबा जिएं।” हेल्थ रिपोर्ट्स के अनुसार, उच्च रक्तचाप के कारण हर साल लाखों लोग अपनी जान गंवा देते हैं, और धूम्रपान इस समस्या को बढ़ाने वाला एक बड़ा कारण है।
रिसर्च क्या कहती है?
हेल्थ रिसर्च से यह भी सामने आया है कि सेकंडहैंड स्मोक (दूसरों के धुएं का संपर्क) भी ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है। शोधों के मुताबिक, जो लोग धूम्रपान के संपर्क में अधिक आते हैं, उनमें हाई बीपी और दिल की बीमारियों का खतरा ज्यादा होता है।
क्या धूम्रपान छोड़ने से फायदा होता है?
धूम्रपान छोड़ने से शरीर में कुछ हफ्तों के भीतर ही सकारात्मक बदलाव आने लगते हैं। रक्तचाप सामान्य होने लगता है, जिससे हृदय रोगों का जोखिम भी कम हो जाता है। हालांकि, अगर व्यक्ति मोटापा, खराब आहार और व्यायाम की कमी जैसी अन्य समस्याओं का सामना कर रहा है, तो केवल धूम्रपान छोड़ने से ही सेहत में सुधार नहीं होगा। इसके साथ ही जीवनशैली में भी सुधार करना जरूरी है।
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