आजकल हर घर में स्मार्ट टीवी आम हो गई है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये टीवी आपकी निजी ज़िंदगी में भी झांक रही है? ज़्यादातर लोग समझते हैं कि सिर्फ स्मार्टफोन ही प्राइवेसी के लिए खतरा हैं, लेकिन स्मार्ट टीवी भी आपकी आदतों और पसंद पर लगातार नजर रखती है।
स्मार्ट टीवी भी कर रही है आपकी जासूसी!
ये सुनकर आपको हैरानी हो सकती है, लेकिन स्मार्ट टेलीविजन यह ट्रैक करती है कि आप कब, क्या और कितना देख रहे हैं। आपकी इन सभी गतिविधियों का डेटा इकट्ठा करके टीवी कंपनियों के सर्वर पर भेजा जाता है। इसके बाद इस जानकारी का उपयोग आपको आपकी रुचि के अनुसार विज्ञापन दिखाने में किया जाता है।
डेटा कैसे होता है इकट्ठा?
जब आप नया स्मार्ट टीवी खरीदते हैं और पहली बार सेटअप करते हैं, तो उसमें एक सेटिंग पहले से ऑन होती है—ACR यानी ऑटोमैटिक कंटेंट रिकॉग्निशन। यही फीचर आपके देखे गए कंटेंट को ट्रैक करता है और थर्ड पार्टी कंपनियों के साथ शेयर कर सकता है।
क्या है ACR सेटिंग?
ACR का मतलब है Automatic Content Recognition—यह एक ऐसी तकनीक है जो यह रिकॉर्ड करती है कि आप कौन सा शो या फिल्म देख रहे हैं, चाहे वह केबल से हो, ऐप से या USB से। इस डेटा को कंपनियां विज्ञापनदाता या अन्य एजेंसियों को बेच सकती हैं।
क्यों है यह खतरनाक?
इस जानकारी का इस्तेमाल कंपनियां यह तय करने में करती हैं कि किस उम्र या वर्ग के दर्शकों को कौन-सा विज्ञापन दिखाया जाए। बच्चों से लेकर बड़ों तक, सबका डेटा ट्रैक होता है। यह न सिर्फ आपकी प्राइवेसी का हनन है, बल्कि आपके उपभोग व्यवहार को भी नियंत्रित करने की कोशिश है।
क्या करें?
जब भी आप नया स्मार्ट टीवी सेटअप करें, सबसे पहले ACR सेटिंग को मैन्युअली ऑफ करें। सेटिंग्स मेनू में जाकर इसे ढूंढें और बंद कर दें। इससे आपकी प्राइवेसी थोड़ी सुरक्षित हो सकती है।
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