कोलेस्ट्रॉल हमारे शरीर के लिए जरूरी होता है, लेकिन जब इसका स्तर बढ़ जाता है, तो यह हृदय और स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है। शुरुआती स्तर पर कोलेस्ट्रॉल के लक्षण आसानी से नजर नहीं आते, लेकिन शरीर में कुछ संकेत दिखाई देते हैं जिन्हें पहचान कर समय रहते रोकथाम की जा सकती है।
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के शुरुआती लक्षण
- त्वचा पर पीले धब्बे (Xanthomas)
- कोलेस्ट्रॉल की अधिकता से कुछ लोगों की त्वचा पर पीले-पीले उभार या धब्बे दिखने लगते हैं, खासकर आंखों के पास, कोहनी और घुटनों पर।
- आंखों के चारों ओर सफेद घेरे (Arcus Senilis)
- आंखों की पुतलियों के चारों ओर सफेद या ग्रे रंग की रिंग बनना भी हाई कोलेस्ट्रॉल का संकेत हो सकता है।
- थकान और कमजोरी
- शरीर में रक्त संचार प्रभावित होने से थकान महसूस होना और मांसपेशियों में कमजोरी होना आम है।
- छाती में दर्द या डिस्कॉम्फर्ट
- हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण रक्त वाहिकाएँ तंग हो सकती हैं, जिससे हार्ट अटैक या एंजाइना जैसी स्थिति का खतरा बढ़ जाता है।
- पेट और जांघ में दर्द या सुन्नपन
- बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल ब्लॉकेज और परिसंचरण में बाधा डाल सकता है, जिससे पैरों और पेट में दर्द या सुन्नपन महसूस हो सकता है।
शुरुआती पहचान और बचाव
- ब्लड टेस्ट कराएँ
- समय-समय पर कुल कोलेस्ट्रॉल, LDL, HDL और ट्राइग्लिसराइड्स का परीक्षण करवाएँ।
- संतुलित आहार अपनाएँ
- ओट्स, दलिया, ब्राउन राइस, फल और सब्ज़ियाँ शामिल करें।
- जंक फूड, तैलीय और प्रोसेस्ड फूड से बचें।
- नियमित व्यायाम करें
- दिन में कम से कम 30 मिनट brisk walk, योग या कार्डियो करें।
- वजन और तनाव नियंत्रित रखें
- अधिक वजन और तनाव कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने में योगदान देते हैं।
- धूम्रपान और शराब से दूरी
- ये आदतें कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने और हृदय रोग का जोखिम बढ़ाती हैं।
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के लक्षण शुरुआती अवस्था में पहचानना बेहद जरूरी है। समय रहते ब्लड टेस्ट और जीवनशैली में बदलाव कर आप अपने हृदय और स्वास्थ्य को सुरक्षित रख सकते हैं।
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