यूरिक एसिड बढ़ना आज के समय में आम स्वास्थ्य समस्या बन गई है। यह शरीर में यूरेनिक एसिड के असंतुलन के कारण होता है और यदि समय रहते इसे नजरअंदाज किया जाए, तो यह गाउट, जोड़ों का दर्द और अन्य गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यूरिक एसिड बढ़ने के कुछ लक्षण खासकर रात के समय दिखाई देते हैं। इन्हें पहचानना और समय पर इलाज कराना बहुत जरूरी है।
1. जोड़ों में तेज़ दर्द:
यूरिक एसिड बढ़ने का सबसे सामान्य लक्षण रात में जोड़ों में तेज दर्द होना है। खासकर पैरों की उंगलियों, घुटनों और टखनों में अचानक दर्द उठ सकता है। दर्द अक्सर इतनी तीव्रता से होता है कि नींद में भी परेशानी पैदा हो सकती है।
2. लालिमा और सूजन:
रात में जोड़ों में सूजन और लालिमा भी यूरिक एसिड बढ़ने का संकेत है। प्रभावित क्षेत्र गर्म और संवेदनशील महसूस होता है। यह शुरुआती लक्षण गाउट अटैक की ओर इशारा करते हैं।
3. कठोरता और चलने-फिरने में मुश्किल:
यूरिक एसिड बढ़ने से जोड़ों में कठोरता महसूस होती है। खासकर सुबह या रात के समय यह और अधिक बढ़ जाती है। व्यक्ति को चलने-फिरने या सामान्य गतिविधियों में असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
4. अचानक थकान और बेचैनी:
रात के समय अचानक थकान, बेचैनी या नींद न आने जैसी समस्याएं यूरिक एसिड बढ़ने का संकेत हो सकती हैं। यह संकेत अक्सर शरीर में सूक्ष्म क्रिस्टल जमा होने के कारण होता है, जो जोड़ों और मांसपेशियों में सूजन पैदा करता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। बिना इलाज के, यह समस्या लगातार बढ़ती है और गाउट अटैक, किडनी स्टोन और मेटाबॉलिक समस्याओं का कारण बन सकती है।
रोकथाम और इलाज:
शराब, तली-भुनी और अधिक प्रोटीन युक्त चीजों का सेवन कम करें।
पर्याप्त पानी पीएं ताकि यूरिक एसिड का स्तर नियंत्रित रहे।
हरी सब्जियां, फल और फाइबर युक्त आहार शामिल करें।
नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रित रखना भी महत्वपूर्ण है।
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