चेहरा दिखाइए और पेमेंट करिए! UPI में जुड़ा नया कमाल फीचर

डिजिटल लेन-देन को और अधिक सरल, तेज़ और सुरक्षित बनाने की दिशा में भारत एक और बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। अब Unified Payments Interface (UPI) पेमेंट के लिए न तो PIN की जरूरत पड़ेगी और न ही मोबाइल स्क्रीन को छूने की। बस एक नजर कैमरे में और भुगतान हो जाएगा।

जी हां, यह संभव हुआ है चेहरे की पहचान (Face Authentication) तकनीक के जरिए, जिसे भारत सरकार की पहल पर अब UPI सिस्टम में जोड़ा जा रहा है।

क्या है यह नया फीचर?

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने बायोमेट्रिक आधारित भुगतान प्रणाली को और सशक्त बनाते हुए अब फेस ऑथेंटिकेशन को UPI पेमेंट में शामिल किया है। अब तक UPI पेमेंट्स में ट्रांजैक्शन को पूरा करने के लिए UPI PIN अनिवार्य होता था, लेकिन अब यह नया विकल्प बिना टच और बिना PIN के भुगतान की सुविधा देगा।

कैसे करेगा काम?

इस फीचर में ग्राहक का चेहरा एक बार सिस्टम में रजिस्टर किया जाएगा।

पेमेंट के समय कैमरे (मोबाइल या पॉइंट ऑफ सेल डिवाइस) से ग्राहक का चेहरा स्कैन किया जाएगा।

चेहरे की पुष्टि होते ही भुगतान अपने आप पूरा हो जाएगा।

यह तकनीक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित फेस रिकग्निशन सिस्टम का उपयोग करती है, जिससे फर्जीवाड़े की संभावना बेहद कम हो जाती है।

कहां से शुरू हुआ यह सिस्टम?

इस सुविधा की शुरुआत फिलहाल ट्रायल बेसिस पर कुछ शहरों में की गई है, जहां चुनिंदा बैंक और फिनटेक कंपनियां इस तकनीक को लागू कर रही हैं। आने वाले महीनों में इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा। यह सुविधा खासकर उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी होगी, जिन्हें PIN याद रखने में परेशानी होती है या जो मोबाइल स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल नहीं कर सकते।

सुरक्षा के लिहाज से कितना भरोसेमंद?

सरकारी एजेंसियों और NPCI का दावा है कि यह तकनीक पूरी तरह से सुरक्षित है। यूज़र का चेहरा आधार से जुड़े बायोमेट्रिक डेटा से मैच किया जाता है। डेटा एन्क्रिप्टेड रूप में स्टोर होता है और किसी तीसरे पक्ष को इसकी पहुंच नहीं होती।

विशेषज्ञों का मानना है कि फेस ऑथेंटिकेशन PIN की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित है, क्योंकि चेहरा कॉपी करना या डुप्लिकेट बनाना लगभग असंभव होता है।

किन्हें मिलेगा फायदा?

बुजुर्ग और कम साक्षर उपयोगकर्ताओं को सुविधा

दृष्टिहीन या विशेष रूप से सक्षम लोगों के लिए आसान तरीका

भीड़भाड़ वाले स्थानों में तेजी से लेन-देन संभव

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