मशहूर संगीतकार अनु मलिक ने हाल ही में अपने भतीजों आमाल मलिक और अरमान मलिक के बारे में भावुक प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने अपने परिवार में बढ़ते विवादों के बीच भी स्नेह और एकता का संदेश दिया है।
हाल ही में एक साक्षात्कार में अनु मलिक ने व्यक्तिगत रिश्ते स्पष्ट करते हुए कहा कि वह अपने भतीजों — आमाल और अरमान — को ‘मेरी जान’ मानते हैं। इसके साथ उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि परिवार में गुस्सा या असहमति हो सकती है, लेकिन यह भावनाएं कभी रिश्तों की गहराई को प्रभावित नहीं करतीं।
उन्होंने यह भी साफ़ किया कि परिवार में संघर्ष या प्रतिस्पर्धा के बावजूद, रिश्तों की नींव स्थिर और मजबूत ही रहती है। “प्यार और एकता हमेशा खोई नहीं है,” उनके शब्दों में स्पष्ट था कि परिवार के भीतर आपसी प्रेम और सम्मान सबसे आगे है।
पृष्ठभूमि में विवाद: आमाल और अनु के बीच दूरी
हालांकि, हाल के महीनों में आमाल मलिक ने अपने चाचा अनु मलिक पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि अनु मलिक ने उनके पिता, डब्बू मलिक के करियर को प्रभावित करने और यहां तक कि कई प्रोजेक्ट छीन लेने का प्रयास किया था। आमाल ने कहा कि अनु मलिक प्रतिस्पर्धात्मक रवैये के चलते निर्माता को कम शुल्क या फ्री में काम का ऑफर देकर पिता का काम छीन लेते थे।
इतना ही नहीं, आमाल ने यह भी कहा कि मीटू आंदोलन के दौरान अनु मलिक पर आरोपों के सामने आने पर उन्होंने और परिवार ने उनसे दूरी बना ली थी। आमाल ने कहा कि इस समय उन्हें शर्मिंदगी और भावनात्मक सुकून ना मिलने का एहसास हुआ। उन्होंने साफ कर दिया कि इसी वजह से उन्होंने रिश्तों को खत्म कर लिया था।
उनके पिता, डब्बू मलिक ने भी आमाल की टिप्पणियों पर कहा कि वे अनावश्यक थीं, और इसने पारिवारिक रिश्तों पर असर डाला है। उन्होंने परिवार की जटिलताओं और सार्वजनिक आरोपों से होने वाले वजन को रेखांकित किया है।
संघर्ष से सफ़लता की कहानी
आमाल मलिक की जिंदगी संघर्ष से ही शुरू हुई थी। उन्होंने साझा किया है कि एक समय उनकी मां ज्योति मलिक के पास केवल ₹500 बचे थे, और परिवार ₹25 लाख के कर्ज में था। आज, वे एक दिन में लाखों रुपये खर्च कर सकते हैं, लेकिन यह सब संघर्ष उनके धैर्य और समर्पण की कहानी बताता है।
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