हाल ही में एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच चर्चा का एक दृश्य सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। बातचीत के दौरान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का बर्ताव काफी ध्यान खींच रहा था, जब वे बातचीत के दौरान दूर से गुजरते हुए, किनारे खड़े रहकर टकटकी लगाए दोनों नेताओं को देखते रहे।
समारोह में मोदी और पुतिन के बीच हुई यह बातचीत विश्व राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर थी। दोनों नेता गहन वार्ता में मशगूल थे, जबकि शहबाज शरीफ एक कोने में खड़े होकर उनकी बातों को अनदेखा नहीं कर पाए। इस दृश्य को देखकर राजनीतिक विश्लेषक और आम जनता दोनों ही कड़ी नज़रें लगाए हुए हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस घटना से पाकिस्तान की वर्तमान राजनैतिक स्थिति और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी स्थिति का पता चलता है। शहबाज शरीफ की खामोशी और दूर से टकटकी लगाए बैठना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि पाकिस्तान वर्तमान वैश्विक राजनीति में अलग-थलग पड़ता जा रहा है।
इस बीच, सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो और फोटो वायरल हो रहे हैं, जहां लोग शहबाज शरीफ की प्रतिक्रिया पर अलग-अलग राय व्यक्त कर रहे हैं। कुछ यूजर्स इसे एक संकेत मान रहे हैं कि पाकिस्तान के नेतृत्व को वैश्विक मंच पर महत्वपूर्ण फैसलों से दूर रखा जा रहा है, तो कुछ इसे शहबाज की सहज प्रतिक्रिया बता रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषक डॉ. अजय मेहरा का कहना है, “जब दुनिया के दो बड़े नेता एक साथ महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कर रहे हों, तब शहबाज शरीफ का ऐसा व्यवहार उनके राजनीतिक प्रभाव की कमी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की घटती भूमिका को दर्शाता है। यह उनकी राजनीतिक छवि के लिए भी चुनौतीपूर्ण है।”
वहीं, विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि भारत और रूस के बीच सहयोग बढ़ रहा है, और ऐसे में पाकिस्तान की कोशिशें सीमित नजर आती हैं। इस बातचीत का असर क्षेत्रीय राजनीति पर क्या होगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
शहबाज शरीफ की यह खामोशी और दूर से बातचीत देखना राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। कई राजनीतिक पार्टियों ने भी इसपर टिप्पणियां की हैं, जिसमें कुछ ने इसे पाकिस्तान के लिए चिंता की बात बताया है, तो कुछ ने इसे सामान्य मानते हुए राजनीतिक विवेक का हिस्सा कहा है।
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