सिनेमा जगत में बयानबाज़ी अक्सर चर्चा का विषय बनती है, लेकिन जब कोई वरिष्ठ और प्रतिष्ठित अभिनेता किसी महिला कलाकार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करता है, तो मामला सिर्फ बयान तक सीमित नहीं रहता — वह समाज में बड़े विमर्श को जन्म देता है। ऐसा ही कुछ हाल ही में हुआ जब 70 वर्ष के एक चर्चित अभिनेता ने अभिनेत्री तमन्ना भाटिया की बॉडी को लेकर एक विवादित बयान दे डाला, जिससे न सिर्फ सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के भीतर भी नाराज़गी की लहर दौड़ गई।
क्या कहा अभिनेता ने?
सूत्रों के अनुसार, एक पुराने टेलीविज़न इंटरव्यू के दौरान अभिनेता ने तमन्ना भाटिया की फिजीक और ग्लैमर को लेकर एक निजी किस्म की टिप्पणी कर दी। उनका कहना था कि “तमन्ना की बॉडी स्क्रीन पर देखने लायक होती है।” इस बयान के लहज़े और शब्दों ने तमाम दर्शकों को असहज कर दिया। लोग इसे स्त्री-विरोधी और आपत्तिजनक मानसिकता का परिचायक बता रहे हैं।
सोशल मीडिया पर गुस्सा
जैसे ही यह बयान वायरल हुआ, ट्विटर (अब X), इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर तमन्ना के फैंस और आम दर्शकों ने अभिनेता को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया। कई यूज़र्स ने इसे “सेक्सिस्ट” करार दिया, वहीं कुछ ने वरिष्ठ कलाकारों से अधिक ज़िम्मेदारी की उम्मीद जताई।
एक यूज़र ने लिखा,
“आप 70 की उम्र में भी महिलाओं के शरीर पर टिप्पणियां कर रहे हैं, शर्म आनी चाहिए!”
वहीं एक अन्य यूज़र का कहना था,
“वरिष्ठता का मतलब यह नहीं कि आप किसी के शरीर को ‘देखने लायक’ बता दें। यह एक अभिनेत्री नहीं, एक महिला का अपमान है।”
तमन्ना की प्रतिक्रिया?
तमन्ना भाटिया ने अभी तक इस मामले में कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन उनके करीबियों का कहना है कि अभिनेत्री इस बयान से व्यथित हैं। तमन्ना, जो हमेशा अपने काम और प्रोफेशनलिज़्म के लिए जानी जाती हैं, ऐसी टिप्पणियों को लेकर पहले भी बोलती रही हैं कि “महिलाएं केवल ग्लैमर ऑब्जेक्ट नहीं हैं।”
इंडस्ट्री का रुख
फिल्म इंडस्ट्री के कुछ नामी चेहरों ने भी इस बयान की आलोचना की है। एक्ट्रेस गुल पनाग ने ट्वीट करते हुए लिखा:
“यह दुखद है कि जिन लोगों से हम सीखने की उम्मीद रखते हैं, वे खुद पुरानी सोच से बाहर नहीं निकल पा रहे।”
वहीं, एक निर्देशक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा,
“महिलाओं को लेकर इस तरह के कमेंट्स बताता है कि अभी भी इंडस्ट्री को मानसिक रूप से बहुत सफर तय करना है।”
क्या है कानून की नज़र में?
कानून विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही यह बयान किसी आपराधिक श्रेणी में न आता हो, लेकिन यह निश्चित रूप से मानहानि और महिला गरिमा का हनन करने की श्रेणी में आता है। इस तरह की टिप्पणी सार्वजनिक मंच पर करना एक वरिष्ठ कलाकार की सामाजिक ज़िम्मेदारी से बचना है।
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