उच्चतम न्यायालय ने उस याचिका पर सुनवाई बृहस्पतिवार को 27 नवंबर तक टाल दी जिसमें सवाल किया गया है कि क्या धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की, गिरफ्तारी और संपत्ति कुर्क करने की शक्तियों को बरकरार रखने वाले उसके 2022 के फैसले पर पुनर्विचार की आवश्यकता है ?
न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ को एक वकील ने सूचित किया कि याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल आज सुनवाई के लिए उपलब्ध नहीं हैं।
पीठ ने कहा, ‘‘यही होता है। जब हम याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करते हैं तो कोई न कोई उपलब्ध नहीं होता है।’’
स्थगन के अनुरोध का ईडी के वकील ने विरोध नहीं किया।
न्यायालय, तीन न्यायाधीशों की पीठ के 27 जुलाई, 2022 के फैसले पर कुछ मानकों के आधार पर पुनर्विचार करने के अनुरोध वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था।
अपने 2022 के फैसले में उच्चतम न्यायालय ने पीएमएलए के तहत गिरफ्तार करने तथा धन शोधन, तलाशी और जब्ती वाली संपत्ति कुर्क करने की ईडी की शक्तियों को बरकरार रखा था।
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