तुलसी की पत्तियों से करें यूरिक एसिड को बाय-बाय – आज़माएं ये घरेलू नुस्खा

यूरिक एसिड का स्तर अगर शरीर में बढ़ जाए तो जोड़ों में सूजन, दर्द और गठिया जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में आयुर्वेदिक उपायों की मदद लेना एक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प हो सकता है। तुलसी की पत्तियां अपने औषधीय गुणों के कारण लंबे समय से आयुर्वेद में उपयोग की जाती रही हैं। ये शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करती हैं और यूरिक एसिड को नियंत्रित करने में भी सहायक हो सकती हैं।

तुलसी कैसे करती है मदद?

तुलसी में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और डिटॉक्सिफाइंग गुण पाए जाते हैं। यह किडनी की कार्यक्षमता को बेहतर बनाकर अतिरिक्त यूरिक एसिड को बाहर निकालने में मदद करती है। साथ ही इसका नियमित सेवन शरीर में एसिडिटी को संतुलित रखता है।

इस्तेमाल का सही तरीका

  1. तुलसी की चाय
    • एक कप पानी में 4-5 तुलसी की पत्तियां डालें।
    • इसे 5-7 मिनट तक उबालें।
    • छानकर सुबह खाली पेट पिएं।
  2. तुलसी के पत्तों का रस
    • ताज़ी तुलसी की पत्तियों को पीसकर रस निकालें।
    • रोज़ाना 1 चम्मच रस पानी के साथ सेवन करें।
  3. कच्ची पत्तियों का सेवन
    • सुबह खाली पेट 5-6 तुलसी की पत्तियां चबाना लाभकारी हो सकता है।

ध्यान देने योग्य बातें

  • तुलसी का सेवन सीमित मात्रा में ही करें। अधिक मात्रा में लेने से कुछ लोगों को एसिडिटी या एलर्जी की समस्या हो सकती है।
  • अगर आप पहले से किसी दवा का सेवन कर रहे हैं, तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

तुलसी एक प्राकृतिक और सरल उपाय है जो यूरिक एसिड को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है। इसके नियमित और सही तरीके से सेवन से न केवल यूरिक एसिड का स्तर नियंत्रित होता है, बल्कि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। तो आज ही इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करें और पाएं राहत।