झुर्रियां यानी फाइन लाइन्स को हम आमतौर पर बढ़ती उम्र की निशानी मानते हैं। लेकिन हालिया रिसर्च से सामने आया है कि ये झुर्रियां सिर्फ लक्षण नहीं बल्कि उम्र बढ़ने का कारण भी बन सकती हैं।
👩🔬 क्या कहती है रिसर्च?
सिंगापुर की “स्टार स्किन रिसर्च लैब्स” और “स्किन रिसर्च इंस्टीट्यूट” की डायरेक्टर प्रोफेसर रेचेल वॉटसन बताती हैं कि जैसे-जैसे हमारी त्वचा में कमजोर और निष्क्रिय कोशिकाएं बढ़ती हैं, वैसे-वैसे शरीर में ऑर्गेनिक डिसऑर्डर यानी आंतरिक गड़बड़ियां भी बढ़ती हैं। इससे कैंसर, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
☀️ झुर्रियों के पीछे छिपी हैं ये 6 वजहें:
अल्ट्रावायलेट किरणें (सूरज की किरणें) त्वचा में कोलेजन को तोड़ती हैं।
स्मोकिंग (धूम्रपान) त्वचा की उम्र तेजी से बढ़ाता है।
प्रदूषण और नींद की कमी स्किन की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं।
मोबाइल की नीली रोशनी त्वचा के टिश्यू को धीरे-धीरे कमजोर कर देती है।
गलत डाइट और पानी की कमी से स्किन की चमक और मजबूती घटती है।
गलत पॉजिशन में सोना, खासकर पेट या करवट लेकर सोना, चेहरे की स्किन पर प्रेशर डालता है।
📅 किस उम्र में कैसे दिखती हैं झुर्रियां?
20 की उम्र: माथे और आंखों के पास हल्की रेखाएं
30 की उम्र: रेखाएं थोड़ी गहरी हो जाती हैं
40-50 की उम्र: आंखों के नीचे और होंठों के आसपास गहरी झुर्रियां
😴 कैसे बचाएं खुद को झुर्रियों से?
अगर आप झुर्रियों से बचना चाहते हैं, तो पीठ के बल सोने की आदत डालिए। करवट या पेट के बल सोने से चेहरे की स्किन पर दबाव पड़ता है, जिससे झुर्रियां जल्दी बनती हैं।
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