भारतीय घरों में प्राचीन काल से सत्तू पाउडर का खास महत्व रहा है। खासतौर पर बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड जैसे राज्यों में यह पारंपरिक पेय और भोजन का हिस्सा है। हाल के वर्षों में सत्तू को स्वास्थ्यवर्धक सुपरफूड के रूप में प्रचारित किया जा रहा है, खासकर इसे ‘प्रोटीन का पावरहाउस’ कहकर।
लेकिन क्या सच में सत्तू पाउडर प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत है? क्या यह सभी के लिए पोषण का आदर्श विकल्प हो सकता है? इस सवाल का जवाब देते हुए विशेषज्ञों और न्यूट्रिशनिस्ट ने कई महत्वपूर्ण बातें उजागर की हैं।
सत्तू पाउडर में क्या है खास?
सत्तू मुख्यतः भुनी हुई चने या अन्य दालों का पिसा हुआ आटा होता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स और मिनरल्स जैसे आयरन, मैग्नीशियम भी होते हैं। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह जल्दी पचने वाला और ऊर्जा प्रदान करने वाला खाद्य पदार्थ है।
क्या सच में सत्तू है प्रोटीन का पावरहाउस?
सत्तू में प्रोटीन जरूर होता है, लेकिन यह किसी विशेष प्रोटीन स्रोत जैसे दूध, अंडे या दालों जितना अधिक नहीं होता। 100 ग्राम सत्तू में लगभग 20-25 ग्राम प्रोटीन होता है, जो संतुलित आहार का हिस्सा हो सकता है।
डॉ. कहती हैं:
“सत्तू प्रोटीन का अच्छा स्रोत है, लेकिन इसे अकेले ‘पावरहाउस’ कहना थोड़ा अतिशयोक्ति होगी। खासतौर पर उन लोगों के लिए जिन्हें उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन की जरूरत होती है, जैसे बच्चे, खेल-कूद करने वाले या बुजुर्ग।”
सत्तू के सेवन में ध्यान रखने योग्य बातें
सत्तू का सेवन तब ही फायदेमंद होगा जब इसे संतुलित आहार के साथ लिया जाए।
प्रोटीन की गुणवत्ता (complete protein) के लिए अंडा, दालें, दूध आदि का सेवन जरूरी है।
शक्कर या अत्यधिक मसाले मिलाकर पीने से इसके पोषण मूल्य में गिरावट आ सकती है।
मधुमेह या पेट की समस्याओं वाले लोगों को डॉक्टर से सलाह लेकर ही सत्तू का सेवन करना चाहिए।
सत्तू के अन्य स्वास्थ्य लाभ
सत्तू पाचन के लिए अच्छा माना जाता है क्योंकि इसमें फाइबर होता है। यह शरीर को ठंडक देने वाला और हाइड्रेटिंग भी होता है, खासकर गर्मियों में। साथ ही, इसमें आयरन की मात्रा भी होती है, जो खून की कमी को कम करने में मदद करती है।
न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह
सत्तू को अपनी डाइट में शामिल करना अच्छा है, लेकिन इसे अकेला प्रोटीन पावरहाउस समझना सही नहीं।
प्रोटीन के लिए अन्य स्रोतों को भी अपनी डाइट में जरूर शामिल करें।
विविध आहार और संतुलित पोषण से ही सेहत बनी रहती है।
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