पिछले साल 9 अगस्त को कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में एक महिला डॉक्टर के साथ रेप के बाद बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। सोमवार को सियालदह कोर्ट ने मामले के दोषी संजय रॉय को उम्रकैद की सजा सुनाई। इस फैसले के बाद संजय की मां ने खुद को घर में बंद कर लिया और फैसले पर मीडिया से बात करने से मना कर दिया।
संजय की मां का दर्द
संजय की मां मालती ने इस घटना के बारे में मीडिया से कहा था कि वह इस कृत्य के लिए बेहद शर्मिंदा हैं। उन्होंने मीडियाकर्मियों से अपील करते हुए कहा कि उन्हें अकेला छोड़ दिया जाए। 75 साल की मालती ने कहा कि उनके भी तीन बेटियां हैं और बेटियों की मां होने के नाते वह मृतक डॉक्टर के माता-पिता का दर्द समझ सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो भी सजा उनके बेटे को मिलेगी, वह उसका समर्थन करेंगी।
फैसले से पहले मालती ने कहा था- ‘कोर्ट का फैसला मानूंगी’
संजय की मां ने फैसले से पहले कहा था कि अगर कोर्ट उनके बेटे को फांसी की सजा सुनाती है, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी। वह इसे कानून की नजर में उनके बेटे के अपराध का परिणाम मानेंगी। मालती ने कहा था कि वह अकेले में रोएंगी, लेकिन इसे नियति का खेल मानकर स्वीकार कर लेंगी।
फैसले के बाद मालती का रुख
जब सोमवार को कोर्ट ने संजय रॉय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, तो मालती ने खुद को घर में बंद कर लिया। बाहर मौजूद पत्रकारों ने फैसले के बारे में सवाल पूछे तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। बाद में चिल्लाते हुए कहा, “मैं कुछ नहीं कहना चाहती। मैं हर बात के लिए शर्मिंदा हूं।” इसके बाद उन्होंने घर का दरवाजा बंद कर लिया और पत्रकारों से कहा कि वह वहां से चले जाएं।
कोर्ट में नहीं था परिवार का कोई सदस्य
जब कोर्ट में संजय रॉय को सजा सुनाई जा रही थी, तब न तो उसकी मां मालती और न ही कोई रिश्तेदार कोर्ट में मौजूद था। संजय की तीन बहनों में से एक बहन की कुछ साल पहले मौत हो चुकी है। संजय की बड़ी बहन ने शनिवार को मीडिया से कहा था कि कुछ खबरें सामने आई हैं कि संजय घटनास्थल पर अकेला नहीं था। उन्होंने कहा कि अगर अन्य लोग भी इसमें शामिल थे तो उनकी भी जांच होनी चाहिए और उन्हें सजा मिलनी चाहिए।
पड़ोसियों का दावा – ‘संजय अकेले अपराध नहीं कर सकता’
संजय के पड़ोसियों का कहना है कि उनका मानना है कि संजय अकेले इस अपराध को नहीं कर सकता और उसके साथ अन्य लोग भी शामिल रहे होंगे, जिनकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। एक पड़ोसी उर्मिला महतो ने कहा कि उन्होंने संजय को बड़े होते हुए देखा है। वह बताती हैं कि संजय का स्वभाव बदल गया था और बॉक्सिंग क्लब में शामिल होने के बाद वह शराब पीने और बुरी संगत में पड़ गया था। उर्मिला ने कहा, “यह अकल्पनीय था कि वह एक महिला के साथ बलात्कार और हत्या के लिए दोषी ठहराया जाएगा।”
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