संजय दत्त का बड़ा बयान: “बॉलीवुड मास फिल्में बनाना भूल गया है

पिछले एक दशक में साउथ इंडियन सिनेमा ने कंटेंट, कमाई और लोकप्रियता—हर पहलू में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को कड़ी टक्कर दी है। ‘बाहुबली’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों ने साउथ को सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी जबरदस्त पहचान दिलाई। वहीं, बॉलीवुड लगातार आलोचनाओं और संघर्षों से जूझता दिखाई दे रहा है।

इसी बहस के बीच, बॉलीवुड सुपरस्टार संजय दत्त ने हिंदी सिनेमा की गिरती स्थिति पर काफी स्पष्ट और बड़ा बयान दिया है।

“अमिताभ और धर्मेंद्र जो करते थे, वो आज बॉलीवुड भूल गया है!” – संजय दत्त
कन्नड़ फिल्म ‘केडी द डेविल’ के टीजर लॉन्च इवेंट में पहुंचे संजय दत्त ने कहा:

“हम लोग बॉलीवुड में थोड़ा भूल गए हैं। जो अमित जी (अमिताभ बच्चन) ने किया, धरम जी (धर्मेंद्र) ने किया, हमने सबने किया, वो सब अब बॉलीवुड में कमजोर हो गया है। लेकिन साउथ वाले वो नहीं भूले। इन लोगों को आज भी मास एंटरटेनमेंट (एक्शन, ड्रामा, रोमांस से भरपूर सिनेमा) चाहिए… और मुझे भी यही पसंद है।”

‘केडी द डेविल’ में खलनायक बने संजय दत्त
टीजर लॉन्च के दौरान संजय दत्त का खतरनाक लुक भी सामने आया। वह इस फिल्म में विलेन की भूमिका में नजर आएंगे। वहीं, फिल्म के लीड एक्टर हैं कन्नड़ स्टार ध्रुव सरजा।

शिल्पा शेट्टी, नोरा फतेही, रेशमा नानाय्या, रमेश अरविंद और वी. रविचंद्रन जैसे बड़े नाम भी इस फिल्म का हिस्सा हैं। फिल्म का निर्देशन कर रहे हैं प्रेम, और यह 2026 में सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

बॉलीवुड बनाम साउथ: क्या सीखने की जरूरत है?
संजय दत्त का बयान यह दर्शाता है कि साउथ सिनेमा ने न केवल तकनीकी और प्रोडक्शन लेवल पर तरक्की की है, बल्कि वो आज भी पब्लिक कनेक्ट वाली मास फिल्में बनाना जारी रखे हुए हैं। वहीं, बॉलीवुड आज जहां रचनात्मकता और दर्शक समझ के मोर्चे पर पिछड़ता नजर आता है।