सर्दियों के आगमन के साथ ही सुबह और रात के समय कार चलाना कई बार चुनौतीपूर्ण साबित होने लगता है। तापमान गिरते ही वाहनों की विंडशील्ड पर धुंध जमने लगती है, जिससे ड्राइवर के सामने दृश्यता घट जाती है और दुर्घटना का जोखिम बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, गाड़ी का अंदरूनी तापमान गर्म और बाहरी वातावरण ठंडा होने पर काँच के ऊपर महीन भाप जम जाती है, जो धीरे-धीरे धुंध का रूप ले लेती है। हालांकि, कुछ सरल उपाय अपनाकर इससे आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है।
सबसे पहले वाहन चालकों को एसी और डिफॉगर के सही उपयोग पर ध्यान देना चाहिए। कार निर्माता कंपनियों द्वारा दी गई डिफॉगर तकनीक सर्दियों में धुंध हटाने का सबसे कारगर तरीका माना जाता है। इंजन चालू करने के बाद कुछ मिनट तक डिफॉगर मोड सक्रिय रखने से विंडशील्ड पर जमा नमी स्वतः सूख जाती है। इसके साथ ही, एसी को ऑन करने से केबिन की नमी कम होती है और शीशे पर भाप जमने की प्रक्रिया थम जाती है।
कुछ लोग धुंध साफ करने के लिए बार-बार कपड़ा या नैपकिन का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन विशेषज्ञ इसे स्थायी समाधान नहीं मानते। बार-बार पोंछने से काँच पर खरोंचें पड़ सकती हैं, और नमी फिर से जल्दी लौट आती है। ऐसे में एंटी-फॉग स्प्रे एक बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। बाजार में उपलब्ध ये स्प्रे विंडशील्ड पर एक सुरक्षात्मक परत बनाते हैं, जो नमी को सतह पर जमने नहीं देती। कई वाहन चालक घरेलू उपाय के तौर पर शेविंग फोम का इस्तेमाल भी करते हैं। इसे काँच पर हल्का-सा लगाकर पोंछ दिया जाए तो धुंध बनने की संभावना काफी कम हो जाती है।
सर्दियों में सफर से पहले वेंटिलेशन को संतुलित रखना भी जरूरी है। यदि कार के भीतर कई लोग बैठे हों तो सांस से निकलने वाली नमी भी शीशे को धुंधला कर सकती है। ऐसे में खिड़की को कुछ सेंटीमीटर खोलकर ताज़ी हवा को अंदर आने देना उपयोगी होता है। इससे अंदर और बाहर के तापमान में संतुलन बनता है और काँच पर भाप जमने की संभावना घट जाती है।
वाहन चालकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि कार की विंडशील्ड साफ और धूल-मिट्टी से मुक्त हो। काँच पर गंदगी जमी होने पर धुंध की परत और अधिक दिखाई देती है तथा जल्दी हटती नहीं। नियमित सफाई से दृश्यता साफ बनी रहती है और फॉग की समस्या भी कम हो जाती है। वहीं, सफर शुरू करने से पहले हीटिंग सिस्टम की जांच कर लेना भी समझदारी भरा कदम है, ताकि यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि धुंध की वजह से होने वाली दुर्घटनाएँ सर्दियों में काफी बढ़ जाती हैं। ऐसे में वाहन चलाते समय थोड़ी-सी सावधानी, उचित तकनीक का प्रयोग और समय रहते किए गए छोटे उपाय बड़ा फर्क पैदा कर सकते हैं। यदि चालक सतर्क रहे और वाहन का कंडीशन सही हो, तो सर्दियों में भी सुरक्षित और आरामदायक यात्रा संभव है।
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