दुनियाभर में जासूसी के लिए कुख्यात रूस एक बार फिर अपने नए हथकंडों को लेकर सुर्खियों में है। इस बार मामला ब्रिटेन का है, जहां पानी के ऊपर और नीचे एक हाई-टेक कैमरा मिला है, जिसे रूसी जासूसी उपकरण माना जा रहा है। यह घटना यूरोप में खलबली मचाने के लिए काफी है।
परमाणु ठिकाने के पास मिला कैमरा
ब्रिटेन के अखबार टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कैमरा ब्रिटेन के एक परमाणु संयंत्र के पास मिला है। यह पहली बार है जब पानी के माध्यम से जासूसी करने का ऐसा तरीका सामने आया है। ब्रिटेन की सेना अब दो एंगल से जांच कर रही है—
कैमरा लगाया कैसे गया?
इसे किसने और क्यों लगाया?
वैनगार्ड पनडुब्बी की रेकी का शक
ब्रिटिश अधिकारियों का कहना है कि यह कैमरा संभवतः ब्रिटेन की खतरनाक वैनगार्ड क्लास परमाणु पनडुब्बी की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लगाया गया था।
इस समय रूस और यूक्रेन के बीच जंग अपने चरम पर है, और परमाणु हथियारों की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। ऐसे में रूस द्वारा इस प्रकार की जासूसी ब्रिटेन के लिए खतरे की घंटी है।
ब्रिटेन-पुतिन तनाव की नई कड़ी
यूक्रेन जंग के दौरान ब्रिटेन लगातार रूस और व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। अमेरिका की तरफ से पीछे हटने पर ब्रिटेन और फ्रांस ने लंदन में एक बड़ी बैठक बुलाई थी, जिसमें यूरोपीय देशों ने पुतिन के खिलाफ एकजुट होने का प्रण लिया था।
इसके बाद से ही रूस ने अटलांटिक और बाल्टिक इलाकों में अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। हाल ही में नॉर्वे के पास रूस की एक पनडुब्बी देखी गई, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वह समुद्र के नीचे बिछी केबल तारों को काटने में सक्षम है।
ब्रिटेन के सुरक्षा विशेषज्ञों को आशंका है कि यही पनडुब्बी पानी में जासूसी कैमरे लगाने के लिए जिम्मेदार हो सकती है।
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