रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष ने एक नए दौर में प्रवेश किया है, जिसमें रूस ने बड़ी मात्रा में ड्रोन और ग्लाइड बमों से हमले तेज़ कर दिए हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने आज कहा कि रूस ने हाल ही में 100 से अधिक ड्रोन तथा लगभग 150 ग्लाइड बमों को यूक्रेन की तरफ भेजा है।ये हमले वहां के निवासी इलाकों पर हुए हैं, जिनमें आवासीय भवनों को नुकसान हुआ और नागरिकों की जान-माल को भी क्षति पहुंची।
हमले का पैमाना और प्रभाव
रूस का यह हमला मुख्यतः रात में हुआ, जिसमें झापोरिज़िया (Zaporizhzhia), खारकीव (Kharkiv) और कीव (Kyiv) समेत कई क्षेत्रों को निशाना बनाया गया।
Zaporizhzhia में दस रॉकेट हमले दर्ज किए गए, जिनमें पारिवारिक मकान और आवासीय ब्लॉक क्षतिग्रस्त हुए।
इस हमले में कम‑से‑कम दो लोग मारे गए और कई घायल हुए।
प्रभावित क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर, बिजली व्यवस्था और पानी जैसी आधारभूत सुविधाएँ बाधित हुईं।
ज़ेलेंस्की ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे “हवाई आतंकवाद” बताया और यूरोप के देशों से अपील की है कि मिलकर एक बहु-स्तरीय हवाई रक्षा प्रणाली (air defence system) तैयार की जाए ताकि ऐसे हमलों से आम नागरिकों की रक्षा की जा सके।
अमेरिका की रणनीति और हथियारों की आपूर्ति
इन तरक्की शब्दों के बीच, अमेरिका ने भी यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति बढ़ाने की तैयारियाँ तेज कर दी हैं। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने NATO देशों के साथ मिलकर एक ऐसा नई व्यवस्था बनाई है — Prioritized Ukraine Requirements List (PURL) — जिसके तहत अमेरिका अपने हथियारों के स्टॉक से उन हथियारों की खेप भेजेगा जिन्हें कीव को तुरंत जरूरत है।
इस नए समझौते में दो हथियारों की खेपें मंजूर की गई हैं, हर एक लगभग $500 मिलियन की, प्रमुख रूप से एयर डिफेंस सिस्टम्स शामिल होंगे।
आने वाले हफ्तों में ये पारितन अमेरिकी हथियार यूक्रेन को भेजे जाने की संभावना है, ताकि यूक्रेन की हवाई सुरक्षा और उसकी खुद की रक्षा क्षमता को मजबूत किया जा सके।
वैश्विक प्रतिक्रिया और संभावनाएँ
यूरोपीय देशों में यह बात जोर पकड़ रही है कि रूस के ड्रोन‑हमले और ग्लाइड बमों का सामना करने के लिए संयुक्त और सक्षम एयर डिफेंस ज़रूरी है।
अमेरिका‑NATO सहयोग से हथियार आपूर्ति न सिर्फ रक्षा को बढ़ाएगी बल्कि यूक्रेन को रणनीतिक बढ़त भी दे सकती है।
हमले के बढ़ते पैमाने ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पश्चिमी देशों की सहायता प्रणाली पर्याप्त है, और क्या यूक्रेन को ऐसे हथियार दी जाने चाहिए जो उसे हमलों की गहराई तक जवाब देने में सक्षम बनाएं।
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