रूस का यूक्रेन पर कहर जारी, ड्रोन-मिसाइल से पावर ग्रिड पर बड़ा हमला

रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष तेज़ी पकड़ता जा रहा है। ताजा जानकारी के अनुसार, रूस ने यूक्रेन के महत्वपूर्ण ऊर्जा संसाधनों पर लगातार हमले किए हैं। गैस प्लांट को निशाना बनाए जाने के बाद अब रूसी सेना ने यूक्रेन के पावर ग्रिड पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया है, जिससे देश में व्यापक बिजली कटौती और आपातकालीन स्थिति पैदा हो गई है।

यूक्रेन की ऊर्जा मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि रूस ने कई क्षेत्रों में पावर ग्रिड के महत्वपूर्ण हिस्सों को क्षतिग्रस्त करने के लिए ड्रोन और क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया है। इन हमलों के कारण लाखों लोगों को बिजली की आपूर्ति ठप हो गई है और कई अस्पताल, स्कूल तथा अन्य सार्वजनिक संस्थान प्रभावित हुए हैं।

गैस प्लांट पर हुए पिछले हमले ने पहले ही ऊर्जा संकट को बढ़ा दिया था, जिसके बाद पावर ग्रिड पर हुआ यह हमला यूक्रेन की ऊर्जा सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि रूस की यह रणनीति यूक्रेन की नागरिक जीवनशैली को बाधित करने और देश की युद्ध क्षमता को कमजोर करने की मंशा से प्रेरित है।

रूसी सेना के प्रवक्ता ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है और कहा है कि उनका उद्देश्य यूक्रेन के सैन्य और रणनीतिक संसाधनों को नष्ट करना है। वहीं, यूक्रेनी अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल मदद और समर्थन की अपील की है ताकि देश की ऊर्जा व्यवस्था को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके।

इस हमले के बाद कीव सहित कई प्रमुख शहरों में विद्युत संकट के कारण रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई है। लोगों को अंधेरे में रहना पड़ा, और कई सार्वजनिक सेवाएं भी प्रभावित हुईं। सरकार ने आपातकालीन स्थिति घोषित कर विद्युत पुनर्स्थापना के लिए काम शुरू कर दिया है।

अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि रूस की यह चाल युद्ध को लंबा खींचने की रणनीति का हिस्सा है। ऊर्जा संसाधनों पर हमले से न केवल यूक्रेन की अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी, बल्कि इसके सामाजिक और मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी गहरे होंगे।

संयुक्त राष्ट्र और कई अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने इस हिंसा की कड़ी निंदा की है और शांति वार्ता के लिए दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। वहीं, पश्चिमी देशों ने यूक्रेन को सैन्य और आर्थिक सहायता बढ़ाने का ऐलान किया है।

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