भारत में भुने चने स्नैकिंग का सबसे पसंदीदा विकल्प हैं। खासकर शाम के समय या त्योहारों में लोग इन्हें चाय के साथ खाना पसंद करते हैं। लेकिन विशेषज्ञों की चेतावनी के अनुसार, बाजार में मिलावट वाले भुने चनों का सेवन गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों का कारण बन सकता है, जिनमें कैंसर भी शामिल है।
भुने चनों में मिलावट का खतरा
हाल के अध्ययन और फूड सेफ्टी एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, कई बार भुने चनों में कृत्रिम रंग, हानिकारक केमिकल्स और रसायन मिलाए जाते हैं, ताकि इन्हें आकर्षक और लंबे समय तक टिकाऊ बनाया जा सके। इस तरह की मिलावट न केवल स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि लंबे समय में गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकती है।
स्वास्थ्य पर संभावित असर
कैंसर का खतरा
रंग और केमिकल्स से भरे चने खाने से शरीर में विषैले तत्व जमा हो सकते हैं, जो धीरे-धीरे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का जोखिम बढ़ाते हैं।
पाचन संबंधी समस्याएं
मिलावट वाले चने पेट में जलन, गैस, अपच और एसिडिटी जैसी समस्याओं को जन्म दे सकते हैं।
जहरीली प्रतिक्रिया और एलर्जी
कुछ लोगों में मिलावटी चनों के सेवन से एलर्जी, त्वचा पर दाने या सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।
दिल और रक्त संबंधी समस्याएं
रासायनिक मिलावट शरीर में सूजन और ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती है, जिससे हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों की सलाह
फूड सेफ्टी और पोषण विशेषज्ञ, कहते हैं, “भुने चनों का सेवन करने से पहले हमेशा गुणवत्ता और स्रोत की जांच करें। घर पर भुने चने बनाना सुरक्षित और हेल्दी विकल्प है। बाजार में मिलने वाले पैकेज्ड या मिलावटी चनों से बचें, क्योंकि इनमें कैंसर पैदा करने वाले तत्व मौजूद हो सकते हैं।”
सुरक्षित विकल्प:
घर पर चने भूनें, नमक या मसाले खुद मिलाएं।
पैकेज्ड चनों में FSSAI सर्टिफिकेशन और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें।
रंगीन या चमकदार चनों से बचें।
अधिक मात्रा में स्नैक्स का सेवन न करें।
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