फोन ब्लास्ट का खतरा! असली और नकली चार्जर पहचानने का सबसे आसान तरीका

स्मार्टफोन आज हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। कॉलिंग, पेमेंट, बैंकिंग, सोशल मीडिया और अनगिनत डिजिटल गतिविधियाँ इस छोटे से डिवाइस पर निर्भर हैं। ऐसे में चार्जिंग उसके सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक है। लेकिन बाजार में तेजी से फैलते नकली चार्जरों ने उपभोक्ताओं के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार गलत चार्जर उपयोग करने से न केवल फोन की बैटरी खराब होती है बल्कि विस्फोट और आग लगने की घटनाओं की संभावना भी कई गुना बढ़ जाती है।

सबसे बड़ी समस्या यह है कि नकली चार्जर देखने में असली जैसे ही लगते हैं। सामान्य उपभोक्ता इनके अंतर को आसानी से पहचान नहीं पाता। ये चार्जर कम दाम के लालच में बड़ी संख्या में बिकते हैं, जबकि इनके अंदर इस्तेमाल होने वाला सर्किट बेहद घटिया गुणवत्ता का होता है। इनमें ओवर-वोल्टेज कंट्रोल, तापमान सुरक्षा, और शॉर्ट-सर्किट प्रोटेक्शन जैसे सुरक्षा फीचर्स नहीं होते। नतीजतन, बैटरी के ओवरहीट होने, ब्लास्ट होने या डिवाइस के पूरी तरह खराब हो जाने का खतरा बढ़ जाता है।

अब सवाल उठता है कि असली और नकली चार्जर की पहचान कैसे की जाए? विशेषज्ञ इसके लिए कुछ सरल संकेत बताते हैं। सबसे पहले, चार्जर पर मौजूद ब्रांडिंग और लोगो की जांच जरूरी है। असली चार्जर पर कंपनी का लोगो स्पष्ट, साफ और एक समान प्रिंट रहता है। वहीं नकली चार्जरों पर प्रिंट धुंधला, गलत जगह या रंग में अंतर के साथ दिखता है।

दूसरा महत्वपूर्ण संकेत है वजन और निर्माण गुणवत्ता। असली चार्जर अपेक्षाकृत भारी होते हैं, क्योंकि उनमें सुरक्षा सर्किट और उचित इंसुलेशन लगा होता है। नकली चार्जर हल्के और कमजोर प्लास्टिक से बने होते हैं। इन्हें हाथ में पकड़ते ही घटिया क्वालिटी का एहसास हो जाता है। इसके अलावा, पोर्ट के आसपास ढीला फिटिंग और असमान किनारे भी इसकी पहचान का आसान संकेत हैं।

तीसरा तरीका है पावर आउटपुट की जानकारी पढ़ना। हर ब्रांड अपने चार्जर पर आउटपुट जैसे 5V/2A, 9V/2A या फास्ट चार्जिंग के अन्य मानक स्पष्ट रूप से लिखता है। नकली चार्जरों पर यह जानकारी या तो गलत लिखी होती है या अधूरी होती है। कई बार असली पैकेजिंग तक की नक़ल की जाती है, लेकिन आउटपुट वैल्यू में छोटी-सी गलती आसानी से पकड़ी जा सकती है।

चौथा संकेत चार्जिंग के दौरान महसूस होता है। असली चार्जर मोबाइल को सामान्य स्पीड से चार्ज करता है और डिवाइस में अनावश्यक गर्मी नहीं होती। जबकि नकली चार्जर के उपयोग पर फोन बहुत जल्दी गर्म होने लगता है, स्क्रीन लैग करने लगती है या चार्जिंग स्पीड असामान्य रूप से कम या ज्यादा दिखती है।

उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि चार्जर केवल अध‍िकृत स्टोर, कंपनी सर्विस सेंटर या भरोसेमंद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से ही खरीदें। कम कीमत वाले चार्जरों का आकर्षण जितना भी बड़ा क्यों न हो, संभावित नुकसान उससे कहीं अधिक गंभीर होता है। फोन का ब्लास्ट होना, बैटरी खराब होना या घर में आग लगना ऐसी घटनाएँ हैं जो अक्सर नकली चार्जर के कारण सामने आती हैं।

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