पेट दर्द आज के समय में एक आम समस्या बन गई है। तेज भूख न लगना, खाने के तुरंत बाद गैस, या पेट में ऐंठन जैसी समस्याएं रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि, आयुर्वेद और योग विशेषज्ञों का कहना है कि सही मुद्रा अपनाकर मिनटों में राहत पाई जा सकती है। यह उपाय न सिर्फ प्राकृतिक है, बल्कि दवा के साइड इफेक्ट से भी दूर रखता है।
पेट दर्द में असरदार योग मुद्रा
पावनमुक्तासन (Pawanmuktasana) को पेट दर्द और गैस की समस्या में सबसे प्रभावी माना जाता है। इसे अपनाने से पेट की मांसपेशियां आराम करती हैं और पेट में फंसी गैस बाहर निकलती है।
विधि:
पीठ के बल लेट जाएं।
दोनों घुटनों को धीरे-धीरे सीने की ओर लाएं।
हाथों से घुटनों को पकड़ें और 20-30 सेकंड तक इस स्थिति में रहें।
धीरे-धीरे पैरों को नीचे रखें और सामान्य स्थिति में आएं।
इसे दिन में 2-3 बार दोहराया जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मुद्रा पेट की ऐंठन और गैस की समस्या को तुरंत कम कर सकती है।
इस मुद्रा के फायदे
गैस और अपच से राहत
पावनमुक्तासन पेट में जमा गैस को बाहर निकालने में मदद करता है और अपच को कम करता है।
पाचन तंत्र को सुधारता है
यह मुद्रा पाचन अंगों को सक्रिय करती है और भोजन को जल्दी पचाने में मदद करती है।
बॉडी डिटॉक्स
पेट और आंत में रक्त संचार बेहतर होने से शरीर का प्राकृतिक डिटॉक्सेशन भी होता है।
तनाव कम करता है
पेट दर्द अक्सर मानसिक तनाव के कारण बढ़ता है। योग मुद्रा अपनाने से शांति मिलती है और पेट दर्द कम होता है।
सुरक्षित और प्रभावी तरीके से अपनाएं
अगर पेट में अल्सर या गंभीर संक्रमण है तो इस मुद्रा को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।
शुरुआत में 10-15 सेकंड रखें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।
इसे खाली पेट या खाने के 2 घंटे बाद करना अधिक फायदेमंद होता है।
नियमित अभ्यास से पेट दर्द और गैस की समस्या में स्थायी राहत मिल सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि योग और सही जीवनशैली अपनाकर पेट दर्द और गैस जैसी समस्या को दवा के बिना नियंत्रित किया जा सकता है। इसके साथ पानी की पर्याप्त मात्रा, संतुलित भोजन और हल्की फिजिकल एक्टिविटी भी पेट के लिए फायदेमंद हैं।
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