सर्दियों के मौसम के आते ही कई लोगों को जोड़ों और मांसपेशियों में अकड़न और दर्द की शिकायत होने लगती है। खासतौर पर घुटने, कमर, कंधे और हाथों के जोड़ प्रभावित होते हैं। इसे अक्सर उम्र बढ़ने या सामान्य थकान से जोड़ दिया जाता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे वास्तविक शारीरिक और मौसम संबंधी कारण होते हैं।
डॉक्टरों की राय: मौसम बदलने से जोड़ क्यों दर्द करते हैं
विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड के मौसम में हवा में नमी कम और तापमान कम होने से शरीर में रक्त संचार धीमा हो जाता है। जोड़ों के चारों ओर मांसपेशियों और लिगामेंट्स सख्त हो जाते हैं। इसका सीधा असर यह होता है कि हड्डियों और जोड़ पर दबाव बढ़ता है, जिससे दर्द या अकड़न महसूस होती है।
रूमाल-रोधी या पुरानी जोड़ों की समस्याओं जैसे ऑस्टियोआर्थराइटिस या रूमेटॉइड अर्थराइटिस वाले मरीज सर्दियों में दर्द और सूजन में तीव्रता महसूस कर सकते हैं। इसके अलावा, ठंड में शरीर अक्सर कम सक्रिय रहता है, जिससे मांसपेशियों की लचीलापन कम हो जाता है और जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
कौन ज्यादा प्रभावित होता है?
40 साल से अधिक उम्र वाले लोग
ऑस्टियोआर्थराइटिस या रूमेटॉइड अर्थराइटिस के मरीज
लंबे समय तक कम सक्रिय रहने वाले लोग
कम कैल्शियम और विटामिन-D लेने वाले लोग
बचाव और राहत के उपाय
हल्की एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग
सर्दियों में भी सुबह हल्की स्ट्रेचिंग या योग करना जरूरी है। यह मांसपेशियों को गर्म रखता है और जोड़ों के दर्द को कम करने में मदद करता है।
गर्म कपड़े और शरीर को ढकें
जोड़ों को ठंड से बचाना बेहद जरूरी है। खासकर हाथ, घुटने और कमर को गर्म रखने से दर्द में कमी आती है।
संतुलित आहार और विटामिन-D
विटामिन-D और कैल्शियम से भरपूर आहार लेने से हड्डियां मजबूत रहती हैं और जोड़ दर्द कम होता है। दूध, पनीर, अंडा, मछली और धूप लेना जरूरी है।
हाइड्रेशन बनाए रखें
सर्दियों में लोग कम पानी पीते हैं, लेकिन यह मांसपेशियों और जोड़ के लिए जरूरी है। पर्याप्त पानी पीने से जोड़ और मांसपेशियों की लचीलापन बनी रहती है।
दर्द होने पर सही दवा या थेरेपी
अगर दर्द ज्यादा है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर दर्द निवारक दवा या फिजियोथेरेपी अपनाना चाहिए।
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