भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा देश में सर्कुलेशन से बाहर किए गए 2000 रुपये के गुलाबी नोटों को लेकर बड़ा अपडेट दिया गया है. बीते साल मई महीने में इन करेंसी नोट को चलन से बाहर किया गया था, लेकिन अब तक बाजार में मौजूद 100 फीसदी नोटों की वापसी नहीं हो सकी है. आरबीआई ने जुलाई महीने के पहले दिन 1st July 2024 को इस संबंध में डिटेल शेयर करते हुए बताया है कि अभी भी लोग देश में 7000 करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य के 2000 रुपये के नोट दबाए बैठे हैं.
पीटीआई के मुताबिक, सोमवार को केंद्रीय बैंक की ओर से Rs 2000 के नोटों की वापसी का जो डेटा दिया गया, उसके मुताबिक, इन करेंसी नोट को चलन से बाहर किए जाने के बाद से अब तक 97.87 फीसदी नोट ही बैंकिंग प्रोसेस में वापस आए हैं, जबकि 2.13 फीसदी गुलाबी नोट लोगों के पास बने हुए हैं. इन दो फीसदी से ज्यादा नोटों की वैल्यू 7,581 करोड़ रुपये बताई गई है.
बीते साल 19 मई 2023 को जब भारतीय रिजर्व बैंक ने 2000 रुपये के नोटों को चलन से बाहर करने का ऐलान किया था, तो उस समय मार्केट में कुल 3.56 लाख करोड़ की मूल्य के 2,000 रुपये के नोट मौजूद थे, जबकि 29 दिसंबर 2023 को ये आंकड़ा घटकर सिर्फ 9,330 करोड़ रुपये रह गया था. वहीं इसके बाद नोटों की वापसी की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी और अभी भी 7,581 करोड़ रुपये के नोटों की वापसी का इंतजार है.
रिजर्व बैंक ने क्लीन नोट पॉलिसी के तहत 19 मई 2023 को देश के सर्कुलेशन में मौजूद सबसे ज्यादा मूल्य के इस 2000 रुपये के नोट को वापस लेने का ऐलान किया था. इसके बाद केंद्रीय बैंक ने स्थानीय बैंकों और 19 आरबीआई क्षेत्रीय कार्यालयों में इन नोटों को वापस करने और बदलवाने के लिए 23 मई से लेकर 30 सितंबर 2023 तक का समय दिया था. हालांकि, इसके बाद इस डेडलाइन को लगातार बढ़ाया जाता रहा.
बता दें कि इन नोटों को अभी भी बदला जा सकता है, हालांकि स्थानीय बैंकों में ये काम नहीं हो पाएगा. केंद्रीय बैंक ने साफ किया है कि सर्कुलेशन से बाहर किए गए इन गुलाबी नोटों को 19 RBI Offices, जो कि अहमदाबाद, बेंगलुरु, बेलापुर, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नई, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, जम्मू, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, नई दिल्ली, पटना और तिरुवनंतपुरम में हैं, उनमें जाने के अलावा जनता अपने नजदीकी किसी भी डाकघर के जरिए इंडिया पोस्ट के माध्यम से भी ये नोट जमा करा सकते हैं.
केंद्रीय बैंक ने 2,000 रुपये मूल्य वर्ग के बैंक नोट नवंबर 2016 में तब पेश किए गए थे, जब सरकार ने चलन में मौजूद 5,00 और 1,000 रुपये के नोटों को बंद करने का फैसला सुनाया था. इसके बाद अन्य मूल्यवर्ग के बैंक नोट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने के बाद 2,000 रुपये के बैंक नोट शुरू करने का उद्देश्य पूरा हो गया. आरबीआई ने कहा कि इसलिए, 2018-19 में 2,000 रुपये के बैंक नोटों की छपाई बंद कर दी गई.
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