सर्दियों के मौसम में यूरिक एसिड की समस्या तेजी से बढ़ जाती है। जब शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ती है, तो इसका असर जोड़ों और अन्य अंगों पर पड़ता है। इससे जोड़ों में दर्द, सूजन, गाउट, किडनी की बीमारियां और मोटापा जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
दरअसल, जब आप प्रोटीन से भरपूर भोजन अधिक खाते हैं, तो इसमें मौजूद प्यूरिन धीरे-धीरे जोड़ों में जमा होने लगते हैं। यह हड्डियों के बीच गैप को कम कर देता है और घुटनों या पैरों जैसे जोड़ों में सूजन और तेज दर्द का कारण बनता है।
ऐसे में अपनी डाइट में प्याज शामिल करने से यूरिक एसिड की समस्या को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। आइए जानते हैं कैसे।
प्याज से यूरिक एसिड होगा कम
हमारे शरीर में करीब 30% प्यूरिन हमारे खाने से आता है। इसलिए, जितना कम प्यूरिन वाला खाना खाएंगे, उतना ही यूरिक एसिड नियंत्रित रहेगा। प्याज एक ऐसा फूड है जिसमें कम प्यूरिन होता है, इसलिए यह यूरिक एसिड को कम करने में मदद करता है।
शोधों से पता चला है कि प्याज में मौजूद क्वेरसेटिन नामक फ्लैवोनोइड सूजन को कम करने और प्यूरिन के पाचन को तेज करने में सहायक होता है। इससे न केवल यूरिक एसिड कम होता है, बल्कि रूमेटाइड अर्थराइटिस जैसी सूजन वाली बीमारियों में भी फायदा मिलता है।
प्याज का सही सेवन कैसे करें?
हाई यूरिक एसिड में प्याज का सेवन कई तरीकों से किया जा सकता है, लेकिन इसे कच्चा ही खाना चाहिए। प्याज को पकाकर खाने से इसके फायदे कम हो जाते हैं।
आप प्याज को सलाद में शामिल कर सकते हैं।
इसके अलावा, प्याज का ताजा जूस भी पी सकते हैं, जो प्यूरिन को पचाने में मददगार होता है।
कोशिश करें कि प्याज को उबालकर या कच्चा ही खाएं ताकि इसके औषधीय गुण बरकरार रहें।
प्याज गठिया और ऑस्टियोपोरोसिस के मरीजों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है।
यह भी पढ़ें:
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check