रिलायंस पावर को नीलामी के जरिये 500 मेगावाट का बैटरी भंडारण अनुबंध मिला है। इस नीलामी का आयोजन सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सेकी) ने किया था। कंपनी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
यह नीलामी 11 सितंबर, 2024 को हुई। यह सेकी की देश में ऊर्जा भंडारण क्षमता बढ़ाने की पहल का हिस्सा है।
अनुबंध में कुल 1,000 मेगावाट की एकल बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) इकाइयों की स्थापना शामिल है। यह परियोजना शुल्क आधारित प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के तहत मांग आधारित उपयोग के लिए बनाओ, अपनाओ और चलाओ (बीओओ) मॉडल पर दी गयी है।
कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि रिलायंस पावर ने 500 मेगावाट मेगावाट की क्षमता हासिल की है। यह नवीकरणीय ऊर्जा और भंडारण क्षेत्र में कंपनी का महत्वपूर्ण कदम है।
प्रतिस्पर्धी बोली में रिलायंस पावर ने 3.819 लाख रुपये/मेगावाट/माह की शुल्क बोली जमा की। यह नया शुल्क मानक बीईएसएस निविदाओं के लिए निम्न दरों में से एक है।
परियोजना के लिए वितरण बिंदु 400 केवी फतेहगढ़ (एटीएल) पीएस, राजस्थान होगा। पूरी क्षमता को चालू करने की तिथि बीईएसपीए (बैटरी ऊर्जा भंडारण खरीद समझौता) की प्रभावी तारीख से 24 महीने होगी।
नीलामी प्रक्रिया में कई कंपनियां शामिल हुईं।
रिलायंस पावर की सफल बोली अक्षय ऊर्जा और भंडारण समाधानों की दिशा में कंपनी के रणनीतिक बदलाव को दर्शाती है। इस तरह के प्रतिस्पर्धी शुल्क दर की शुरुआत से नए मानक स्थापित होने और भारत की ऊर्जा भंडारण क्षमताओं में तेजी से वृद्धि की उम्मीद है।
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