पुतिन मीटिंग के लिए तैयार, लेकिन ज़ेलेंस्की की वैधता पर उठ रहे सवाल—रूस-यूक्रेन जंग में आया बड़ा मोड़

रूस-यूक्रेन युद्ध में शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में प्रयास जारी हैं, लेकिन हालिया घटनाक्रम ने बातचीत की राह पर एक नई चुनौतियाँ खड़ी कर दी हैं। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने घोषणा की है कि राष्ट्रपति पुतिन ज़ेलेंस्की से मिलने के लिए तैयार हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने ज़ेलेंस्की की वैधता पर भी सवाल उठाया है, जिससे शांतिपूर्ण वार्ता की संभावना और भी जटिल हो गई है।

पुतिन तैयार पर ‘एजेंडा’ अधूरा

रूस ने बयान दिया है कि पुतिन ज़ेलेंस्की से मिलने के लिए तैयार हैं, लेकिन केवल तभी जब बातचीत का विस्तृत और दोनों पक्षों द्वारा स्वीकार्य “प्रेसिडेंशियल एजेंडा” तैयार हो जाए। वर्तमान में ऐसा कोई स्पष्ट एजेंडा नहीं है।

वैधता पर उठे सवाल

लावरोव ने यह भी कहा कि ज़ेलेंस्की की वैधता संदिग्ध है क्योंकि उनका चुनावी कार्यकाल मई 2024 में पूरा हो गया था और युद्ध के कारण चुनाव नहीं हो सके। इससे किसी भी समझौते की दीर्घकालिक वैधता पर प्रश्नचिन्ह उठ खड़े हुए हैं।

ज़ेलेंस्की क्या कहते हैं?

इस बीच ज़ेलेंस्की ने फरवरी में स्पष्ट किया था कि यदि देश को सुरक्षा मिल सके और युद्ध खत्म हो जाए, तो वह राष्ट्रपति पद छोड़ने को तैयार हैं। हालांकि, चुनाव युद्ध समाप्त होने पर ही होंगे—इसके लिए संविधान में स्पष्ट प्रावधान हैं कि martial law के दौरान चुनाव नहीं हो सकते।

युद्ध भूमि और शांति वार्ता में कड़ी स्थिति

ज़ेलेंस्की ने कहा है कि शांति वार्ता की राह “सबसे प्रभावी” तभी होगी जब यूक्रेनी सेना की मजबूत उपस्थिति बनी रहे। उन्होंने सीधे वार्ता की मांग की, लेकिन रूस ने स्पष्ट कर दिया कि फिलहाल कोई बैठक तय नहीं है।

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