पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बेंगलुरु में आयोजित एक निवेशक सम्मेलन के दौरान देश-विदेश के उद्योगपतियों को राज्य में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि “अब पंजाब केवल कृषि का नहीं, उद्योग और निवेश का भी प्रमुख केंद्र बन रहा है।” इस अवसर पर उन्होंने राज्य सरकार की नवीन औद्योगिक नीति, सिंगल-विंडो क्लियरेंस सिस्टम, और सुरक्षित माहौल को राज्य की प्रमुख ताकत बताया।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पिछले एक वर्ष में राज्य में बड़े स्तर पर निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिनमें फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों की अग्रणी कंपनियां शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ वैश्विक कंपनियों ने पंजाब में अपने प्लांट्स लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
उद्योगों के लिए तैयार इन्फ्रास्ट्रक्चर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने नई औद्योगिक टाउनशिप, लॉजिस्टिक हब, और स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) पर तेजी से काम शुरू किया है। इसके अलावा, मोहाली, अमृतसर, राजपुरा और लुधियाना जैसे शहर अब उभरते हुए औद्योगिक केंद्र बन रहे हैं।
उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए भगवंत मान ने कहा,
“पंजाब अब लालफीताशाही से मुक्त है। हमने प्रक्रियाओं को आसान और पारदर्शी बनाया है। किसी उद्योगपति को अब ऑफिसों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। सभी अनुमतियां समयबद्ध तरीके से ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।”
ग्लोबल कंपनियों की रुचि
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अमेरिका, जर्मनी, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों की कंपनियों ने पंजाब में निवेश की गहरी रुचि दिखाई है। हाल ही में कुछ बड़े नामों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर भी किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब की युवाशक्ति, बेहतर कनेक्टिविटी, शांतिपूर्ण माहौल और राज्य सरकार की निवेश के प्रति सकारात्मक सोच ने उद्योगपतियों का विश्वास बढ़ाया है।
निवेशकों को भरोसा
सम्मेलन के बाद कई उद्योगपतियों ने पंजाब में निवेश को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया। एक आईटी कंपनी के सीईओ ने कहा, “पंजाब की नीति स्पष्ट और उद्योग-अनुकूल है। यहां की सरकार वास्तव में निवेश को लेकर गंभीर दिख रही है।”
मुख्यमंत्री मान ने यह भी घोषणा की कि सरकार जल्द ही “पंजाब ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025” का आयोजन करेगी, जिसमें देश-विदेश की कंपनियों को आमंत्रित किया जाएगा।
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