स्वस्थ बालों के लिए जरूरी है प्रदूषण से बचाव, विशेषज्ञ ने बताया तरीका

आज के समय में बढ़ते वायु प्रदूषण का असर सिर्फ फेफड़ों और दिल पर ही नहीं, बल्कि बालों की सेहत पर भी पड़ रहा है। त्वचा और ट्राइकोलॉजी विभाग की विशेषज्ञ डॉक्टर ने कहा कि प्रदूषण के कारण बाल झड़ने और पतले होने की शिकायत तेजी से बढ़ रही है।

पॉल्यूशन और बालों का संबंध

ट्राइकोलॉजिस्ट ने बताया कि वायु में मौजूद धूल, धुआं और रासायनिक तत्व सीधे स्कैल्प पर बैठते हैं। यह बालों की जड़ों (फॉलिकल्स) को कमजोर कर देता है और समय के साथ बालों का झड़ना बढ़ता है।

प्रदूषण के कण बालों के प्राकृतिक तेल को नष्ट कर देते हैं, जिससे बाल रूखे और बेजान हो जाते हैं। इसके अलावा, ये कण स्कैल्प में जलन, खुजली और डैंड्रफ जैसी समस्याएं भी उत्पन्न कर सकते हैं।

किन लोगों को ज्यादा खतरा?

विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ लोग अन्य लोगों की तुलना में अधिक प्रभावित होते हैं:

शहरी क्षेत्र में रहने वाले लोग, जहां वायु प्रदूषण का स्तर अधिक होता है।

धूम्रपान करने वाले या प्रदूषित वातावरण में काम करने वाले लोग।

जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है या पहले से त्वचा/बालों की समस्या है।

अत्यधिक तेल, हेयर प्रोडक्ट्स और गर्म उपकरणों का उपयोग करने वाले लोग, क्योंकि ये प्रदूषण के प्रभाव को बढ़ा देते हैं।

बालों को बचाने के उपाय

डॉ. ने कुछ सरल उपाय सुझाए हैं:

सिर को साफ रखें और घर लौटने पर बालों को धोएं।

हल्के शैम्पू और स्कैल्प कंडीशनर का इस्तेमाल करें, जो बालों की जड़ों को मजबूत बनाए।

हेयर ऑयलिंग या प्राकृतिक ट्रीटमेंट से बालों की नमी और पोषण बनाए रखें।

वायु प्रदूषण से बचाव के लिए मास्क और सिर को ढकने वाले स्कार्फ का उपयोग करें।

जीवनशैली का असर

संतुलित आहार, पर्याप्त पानी पीना और तनाव को नियंत्रित रखना भी बालों के झड़ने को कम कर सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि प्रदूषण और जीवनशैली के सही प्रबंधन से बालों की गिरावट को काफी हद तक रोका जा सकता है।

विशेषज्ञ की चेतावनी

ट्राइकोलॉजिस्ट ने कहा, “यदि आप लगातार बाल झड़ने, पतले होने या स्कैल्प में जलन महसूस कर रहे हैं, तो डॉक्टर से समय पर परामर्श लेना जरूरी है। अनदेखा करना लंबे समय में बालों की स्थायी क्षति का कारण बन सकता है।”

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