जुबीन गर्ग की मौत पर सियासी भूचाल, MLA ने उठाए सवाल

असम के लोकप्रिय गायक और संगीतकार जुबीन गर्ग की कथित मौत को लेकर उठ रहे सवाल अब गहराते जा रहे हैं। जहां शुरुआती रिपोर्ट में इसे एक दुर्घटनावश मौत बताया गया, वहीं अब परिजनों, समर्थकों और कई नेताओं ने CBI जांच की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है।

इस पूरे मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब असम के एक विधायक ने सार्वजनिक रूप से जुबीन की मौत को लेकर षड्यंत्र की आशंका जताई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

क्या है मामला?

सूत्रों के अनुसार, जुबीन गर्ग की मृत्यु बीते सप्ताह उनके आवास पर संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। शुरू में पुलिस ने इसे स्वाभाविक मौत या स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या बताया। लेकिन फैंस और स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी शंका और असंतोष जाहिर किया।

परिवार ने भी इस बात को लेकर असमंजस जताया कि जुबीन की तबीयत सामान्य थी और उन्हें कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। ऐसे में अचानक मौत ने सभी को हैरान कर दिया है।

विधायक का बड़ा बयान

राज्य के एक प्रमुख विपक्षी विधायक ने मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए कहा:

“जुबीन गर्ग कोई आम कलाकार नहीं थे। वे असम की आत्मा थे। उनकी मौत सामान्य नहीं लगती। यह मामला अब CBI के पास जाना चाहिए।”

उन्होंने यह भी दावा किया कि जुबीन गर्ग को बीते कुछ महीनों से राजनीतिक दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ रहा था, क्योंकि वे कुछ सामाजिक मुद्दों पर खुलेआम बोल रहे थे।

सोशल मीडिया पर आक्रोश

फैंस और संगीतप्रेमियों ने ट्विटर (अब X), फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर #JusticeForZubeenGarg और #CBIForZubeen जैसे हैशटैग्स के जरिए CBI जांच की मांग को तेज कर दिया है। कई कलाकारों और सामाजिक संगठनों ने भी इस अभियान में अपना समर्थन दिया है।

सरकार की प्रतिक्रिया

राज्य सरकार की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन गृह विभाग के सूत्रों के अनुसार, यदि परिवार की ओर से लिखित अनुरोध किया जाता है तो सरकार CBI जांच के लिए सिफारिश कर सकती है।

जुबीन गर्ग: एक परिचय

जुबीन गर्ग न केवल असमिया संगीत के एक स्तंभ थे, बल्कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में भी उन्होंने अपनी खास पहचान बनाई थी। उनके गाए गीत “या अली”, “दिल तू ही बता” आज भी लोगों की जुबां पर हैं। सामाजिक कार्यों और युवाओं को जागरूक करने में भी वे अग्रणी भूमिका निभाते रहे।

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