समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित संविधान-मान स्तंभ की स्थापना के कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम में आए सभी पदाधिकारियों, नेताओं और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद दिया। उन्होंने इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में भारतीय जनता पार्टी सरकार पर निशाना साधा।
अखिलेश यादव ने कार्यक्रम के उपरांत पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए उप्र की सरकार पर जीरो टॉलरेंस नीति को लेकर तीखा हमला बोला। बलिया में पुलिस वाली वसूली मामले को लेकर कहा कि, जब हम विपक्ष में रहकर सवाल उठाते थे तो प्रदेश सरकार हमको कहती थी कि करप्शन को लेकर ज़ीरो टॉलरेंस की पॉलिसी है। इनके द्वारा आंकड़े लाए जाते थे, तमाम दावा किया जाता था,लेकिन जिस तरह हम सुन रहे हैं कि उनके अपने नेता, विधायक ही कह रहे हैं कि उन्होंने अपने जीवन काल में ऐसा भ्रष्टाचार नहीं देखा। एक इंटरव्यू में मुख्यमंत्री ने खुद स्वीकार किया था कि भ्रष्टाचार हो रहा है।
बलिया के मामले को सपा विधायक संग्राम सिंह ने इसे विधानसभा में मामला उठाया था, जबकि ऐसा कई जगह हो रहा है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि आज ‘पुलिस ही डाकू’ की हेडलाइन अखबार अगर लिख रहे हैं तो समझ जाइये, क्योंकि वे खुलकर लिखने को मजबूर हुए, ये स्थिति है।
अखिलेश यादव ने कहा कि ‘प्रधान सांसद’ के क्षेत्र में पुलिस वसूली करते पकड़ी गई। हमने तो यह भी देखा कि पुलिस खुद रेट तय कर रही है कि टांग पर गोली मारने पर कितना रुपया मिलेगा, जबकि नोएडा में जब पहला फर्ज़ी एनकाउंटर एक जिम ट्रेनर का हुआ था, तो हमने उसे उठाया था। झांसी में इन्होंने फर्ज़ी एनकाउंटर किया। कोर्ट से उसकी एफआईआर लिखी गई। उस परिवार को सरकार न्याय नहीं दिला पाई। उसकी पत्नी ने आत्महत्या कर ली। सरकार में बैठे लोग जिनके पास सम्पर्क और पैसा है, वो लोग लखनऊ सरोजिनी नगर के मामले में खुलासा नहीं होने दे रहे हैं। इसी सरकार में एक आईपीएस कितने दिन फरार रहा, आप सब जानते हैं। ऐसे मामलों से फाइलें भरी पड़ी हैं।
अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि यह सरकार ड्रोन से मरीज देख रही है। अस्पताल में ड्रोन की जरूरत है क्या मरीजों की भीड़ देखने के लिए। ये लोग 13 मेडिकल कॉलेज बना रहे थे, उनको मान्यता नहीं मिली। ऐसा इसलिए है कि कुछ लोग मोहरा बन गए हैं दिल्ली के वाईफाई के पासवर्ड बन गए हैं। सुन रहे है मौर्या दिल्ली के वाईफाई के पासवर्ड बन गए हैं।
अखिलेश ने राजनीति के मंझे खिलाड़ी की तरह पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि एक राज्यपाल थे यहां जो सरकार को चिट्ठी लिखते थे। अखबार की कटिंग लगाकर जातिवादी होने का आरोप लगाते थे। आज बताइये मुख्य सचिव कौन हैं और अधिकारी कौन हैं। आप बस खेल देखिये दिल्ली के वाईफाई पासवर्ड का।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार में 10 साल रह कर इन्होंने हर व्यवस्था को खराब किया। कहीं इलाज नहीं मिल रहा गरीब को, एक जिला अस्पताल नहीं बनाया। कितना भ्रष्टाचार होगा, यह तो पता ही नहीं और यह तो कुछ खुल रहे हैं क्योंकि कुछ लोग मोहरा बन गए हैं। उन्होंने कहा कि बताओ मुख्यमंत्री कौन हैं, मुख्य सचिव कौन है, प्रमुख सचिव कौन है और विभाग में कौन-कौन कहां बैठा है? आप भी सवाल उठाते थे जातिवाद का, विचार करिए गंभीर सवाल है। यूपी की जनता को इन्होंने धोखा दिया है।
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