छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ओसाका (जापान) में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 के अवसर पर यह विश्वास जताया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी यात्रा दोनों देशों के संबंधों को और मजबूती प्रदान करेगी।
ओसाका से संकेत – निवेश व कूटनीति की दिशा
CM साय ओसाका एक्सपो में भाग लेने जापान और दक्षिण कोरिया की 10-दिनीय औपचारिक यात्रा पर हैं। इस एक्सपो में भारत कई प्रमुख क्षेत्रों में अपनी उपलब्धियां प्रदर्शित कर रहा है—जैसे आईटी, अंतरिक्ष, संरक्षण स्वास्थ्य, पर्यटन, पूर्वाधार एवं रेल, और छत्तीसगढ़ की ओर से खासतौर पर डोकरा कला को प्रदर्शित किया गया है।
इसके अलावा, टोक्यो सरकार ने PM मोदी की यात्रा के दौरान भारत के लिए 10 खरब येन ($68 बिलियन) के बड़े निवेश पैकेज की घोषणा की है—जो अगले दशक में औद्योगिक सहयोग और विकास को नई दिशा देगा।
CM साय ने क्या कहा?
ओसाका में पत्रकारों से चर्चा में मुख्यमंत्री साय ने कहा, “PM मोदी की यात्रा न सिर्फ भारत–जापान संबंधों में गहराई लाएगी, बल्कि हमारे क्षेत्रीय निवेश आकर्षण और औद्योगिक विकास को गति देगी।” उन्होंनेनया औद्योगिक नीति और देश के निवेश क्षेत्र—इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, और फूड प्रोसेसिंग—में जापानी भागीदारी की अपील की।
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा क्यों मायने रखती है?
गहरे निवेश व रणनीतिक समझौते: जापान से मोदी की यात्रा पर निवेशों की भारी घोषणा, बुनियादी ढांचे और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देगी।
भविष्य की साझेदारी: दोनों देशों ने “स्पेशल स्ट्रैटेजिक और ग्लोबल पार्टनरशिप” को और व्यापक बनाने पर जोर दिया है।
इन्फ्रा सेमिटर्स व कवच योजनाएं: जापान की गुणवत्ता इन्फ्रास्ट्रक्चर पहल और भारत की Act East नीति की समन्वयता से क्षेत्रीय समृद्धि संभव होगी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से आधुनिक संबंध तक
भारत–जापान संबंध पुराने बौद्धिक और सांस्कृतिक रिश्तों से जुड़े रहे हैं। आधुनिक समय में ये संबंध पहलगामी निवेश साझेदार से आर्थिक और रक्षा सहयोगी के रूप में विकसित हुए हैं; मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रैन जैसी परियोजनाएँ इस साझेदारी के प्रतीक हैं।
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