प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज युवाओं के साथ एक संवाद कार्यक्रम में कहा कि वर्तमान दौर में भारत की सबसे बड़ी ताकत उसका कौशलवान युवा वर्ग है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज का भारत केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कौशल विकास को प्राथमिकता देने वाला देश बन चुका है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारा देश अब सिर्फ किताबी ज्ञान से नहीं, बल्कि व्यवहारिक ज्ञान और कौशल से भी आगे बढ़ रहा है। युवा वर्ग को न केवल शिक्षा बल्कि कौशल से लैस करना हमारी सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है।” उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सही कौशल के बिना सफलता संभव नहीं है।
पीएम मोदी ने इस संवाद में भारत के कौशल विकास मिशन की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने कौशल केंद्रों की संख्या बढ़ाकर लाखों युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया है, जिससे उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने डिजिटल भारत और स्टार्टअप इंडिया जैसी पहलों को भी कौशल विकास के लिए क्रांतिकारी बताया।
प्रधानमंत्री ने युवाओं को रोजगार के साथ-साथ उद्यमिता की ओर बढ़ने का भी आह्वान किया। उनका कहना था कि कौशल विकास सिर्फ नौकरी पाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे वे स्वयं रोजगार देने वाले भी बन सकते हैं। उन्होंने कहा, “हमारे युवा देश के विकास के इंजन हैं, और उनकी प्रतिभा को सही दिशा देने का हमारा फर्ज़ है।”
पीएम मोदी ने शिक्षा प्रणाली में कौशल पर आधारित पाठ्यक्रमों को लागू करने की महत्ता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि युवाओं को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी दिया जाना चाहिए, जिससे वे विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकें।
कार्यक्रम में मौजूद युवाओं ने प्रधानमंत्री के विचारों को सराहा और कहा कि इस तरह के संवाद से उन्हें अपनी क्षमताओं को निखारने और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने का आत्मविश्वास मिलता है। कई युवाओं ने अपने सवालों के जरिए कौशल विकास से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की, जिस पर प्रधानमंत्री ने उत्साहपूर्वक जवाब दिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की यह पहल युवाओं को न केवल रोजगार के नए अवसरों के प्रति जागरूक करती है, बल्कि उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित भी करती है। इससे भारत में कौशल आधारित शिक्षा और प्रशिक्षण को बढ़ावा मिलेगा, जो देश के आर्थिक विकास में सहायक होगा।
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