मोबाइल फोन आज केवल संवाद का साधन नहीं, बल्कि एक जरूरी जीवनसाथी बन चुका है। ऐसे में यदि चार्जर लगाने के बावजूद फोन चार्ज न हो, तो यह परेशानी बढ़ा सकती है। कई बार लोग समझते हैं कि समस्या बैटरी या चार्जर की है, लेकिन असल वजह कुछ और होती है। जानिए ऐसी आम समस्याओं के पीछे छिपे कारण और उनके सरल समाधान।
पोर्ट में धूल या गंदगी हो सकती है जिम्मेदार
फोन चार्जिंग पोर्ट में जमी धूल, रेशा या अन्य कण चार्जिंग कनेक्शन को बाधित कर सकते हैं। यह सबसे सामान्य कारणों में से एक है। जब चार्जर का पिन पूरी तरह से पोर्ट में नहीं बैठता, तो कनेक्शन ठीक से नहीं बन पाता।
समाधान:
एक साफ, मुलायम ब्रश या टूथपिक की मदद से धीरे-धीरे पोर्ट की सफाई करें।
एयर ब्लोअर का प्रयोग करके भी पोर्ट की धूल हटाई जा सकती है।
ध्यान रखें कि पोर्ट को नुकसान न पहुंचे।
केबल या चार्जर हो सकता है दोषपूर्ण
अक्सर केबल में अंदरूनी टूट-फूट हो जाती है जो दिखती नहीं, लेकिन चार्जिंग में समस्या पैदा करती है। लो-क्वालिटी या नकली चार्जर भी समस्या की जड़ हो सकते हैं।
समाधान:
किसी दूसरे चार्जर या केबल से फोन चार्ज करने की कोशिश करें।
मूल (original) ब्रांडेड चार्जर ही प्रयोग करें।
चार्जिंग केबल को हल्के से मोड़कर देखें कि किसी खास जगह पर चार्जिंग बंद तो नहीं हो रही।
सॉफ्टवेयर अपडेट या बैकग्राउंड बग
कभी-कभी फोन का ऑपरेटिंग सिस्टम या बैकग्राउंड में चल रही एप्लिकेशंस भी चार्जिंग में बाधा बनती हैं।
समाधान:
फोन को रिस्टार्ट करें और फिर चार्जर लगाएं।
उपलब्ध सॉफ्टवेयर अपडेट्स को इंस्टॉल करें।
यदि समस्या बनी रहे, तो फोन को ‘सेफ मोड’ में डालकर देखें।
हार्डवेयर या बैटरी खराबी
यदि उपरोक्त सभी प्रयासों के बावजूद फोन चार्ज नहीं हो रहा है, तो यह संकेत हो सकता है कि समस्या हार्डवेयर या बैटरी में है। विशेष रूप से लंबे समय से उपयोग में लाए गए स्मार्टफोन में बैटरी की क्षमता घट जाती है।
समाधान:
सेवा केंद्र (Service Centre) में जाकर विशेषज्ञ से जांच करवाएं।
यदि बैटरी फूली हुई हो, तो तुरन्त बदलवाना चाहिए क्योंकि यह खतरनाक हो सकता है।
वायरलेस चार्जिंग में भी होती है परेशानी
कुछ स्मार्टफोन वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करते हैं, लेकिन यदि चार्जिंग पैड और डिवाइस के बीच कोई अवरोध हो या एलाइनमेंट ठीक न हो, तो चार्जिंग नहीं होगी।
समाधान:
फोन को सही ढंग से चार्जिंग पैड पर रखें।
वायरलेस चार्जर की पावर आउटपुट जांचें।
यह भी पढ़ें:
भूलने की समस्या है आम या गंभीर? जानिए ब्रेन फॉग और डिमेंशिया का फर्क
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check