पैंक्रियाटिक कैंसर यानी अग्न्याशय का कैंसर, एक मौत का कारण बनने वाली सबसे खतरनाक बीमारियों में से एक है। इसका शुरुआती निदान कठिन होता है क्योंकि इसके लक्षण अक्सर सामान्य समस्याओं जैसे गैस, अपच या पीठ दर्द जैसे लगते हैं। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक पेट और पीठ में बना रहने वाला तेज दर्द, वजन में अचानक गिरावट और भूख न लगना इस जानलेवा बीमारी के संकेत हो सकते हैं।
क्या होता है पैंक्रियास और क्यों होता है कैंसर?
पैंक्रियास (अग्न्याशय) एक ऐसा अंग है जो पेट के पीछे होता है और यह पाचन एंजाइम व इंसुलिन बनाता है। जब इसकी कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं, तो कैंसर की शुरुआत होती है। यह तेजी से शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकता है।
प्रमुख लक्षण
पेट और पीठ में लगातार दर्द
अचानक वजन घटना
भूख न लगना
पीलिया (त्वचा और आंखों में पीलापन)
थकान और कमजोरी
गहरे रंग का मूत्र और हल्का रंग का मल
डायबिटीज का अचानक बढ़ना
कितना खतरनाक है?
WHO की एक रिपोर्ट के अनुसार, पैंक्रियाटिक कैंसर की पहचान अक्सर अंतिम स्टेज में होती है, जहां उपचार की संभावना कम रह जाती है। 5 वर्षों की जीवित रहने की दर केवल 10-15% होती है।
कैसे करें बचाव?
धूम्रपान से दूरी रखें: धूम्रपान इस कैंसर का सबसे बड़ा जोखिम कारक है।
संतुलित आहार लें: फलों, सब्जियों और फाइबरयुक्त भोजन से अग्न्याशय को स्वस्थ रखा जा सकता है।
नियमित व्यायाम: मोटापा भी एक बड़ा कारण है, इसलिए फिट रहना जरूरी है।
शुगर और अल्कोहल पर नियंत्रण रखें।
पारिवारिक इतिहास है तो नियमित स्कैन कराएं।
समय रहते जांच क्यों है जरूरी?
पैंक्रियाटिक कैंसर की समय पर पहचान और इलाज से जीवन को बचाया जा सकता है। यदि पेट या पीठ में लंबे समय से दर्द हो रहा है, तो उसे नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से सलाह लें।
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